आज देशभर में री-नीट को लेकर तैयारियां तेज हैं. कहीं पुलिस की तैनाती की गई है, कहीं जैमर्स की मदद से नकल रोकने की तैयारी है तो कहीं कैमरे की मदद ली जा रही है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर कितने उम्मीदवारों का नीट पास करने का सपना पूरा होगा. दरअसल, इस साल री-नीट में 22.79 लाख छात्र हिस्सा ले रहे हैं लेकिन देश में MBBS की उतनी सीटें ही नहीं हैं जिसकी वजह से इस परीक्षा के लिए कंपटीशन और ज्यादा बढ़ गया है.MBBS की एक सरकारी सीट के लिए 36 उम्मीदवार मैदान में हैं.
हो गई है सारी तैयारी
परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए एनटीए और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं.केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और कई इंतजाम किए गए है जिससे नकल और गड़बड़ी को रोका जा सके. बता दें कि परीक्षा में 22.79 लाख शामिल होने वाले हैं.
क्या है सरकारी और प्राइवेट सीटों का गणित?
बता दें कि देश के 450 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 63,160 MBBS की सीटें हैं. वहीं, 373 निजी और डीम्ड मेडिकल कॉलेजों में 66,443 सीटें हैं. लेकिन कम फीस और अच्छे मौके के लिए छात्र सरकारी कॉलेजों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं.
एक सीट पर 36 उम्मीदवार
NMC की सीट मैट्रिक के मुताबिक, देश के मेडिकल कॉलेज में कुल 1,29, 603 MBBS की सीटें हैं. इनमें दोनों सरकारी और निजी संस्थान शामिल है. लेकिन छात्र अपनी सुविधाओं के मुताबिक सरकारी कॉलेजों का चयन करते हैं. जरा सोचिए 1, 29, 603 सीटों पर 22.79 लाख छात्रों के बीच मुकाबला चल रहा है. हालांकि, कई छात्रों को इसमें असफलता भी मिलेगी लेकिन संख्या कई ज्यादा बड़ी है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बता दें कि री-नीट के लिए भारत के 551 शहरों में 5440 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. वहीं, विदेशों के 14 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. परीक्षा अंग्रेजी समेत 12 भारतीय भाषा में होगी. परीक्षा में 22 लाख से अधिक उम्मीदवार हिस्सा लेने वाले हैं. ऐसे में NTA के मुताबिक एग्जाम 95 हजार से अधिक कमरों में आयोजित होगी जिसके लिए 1,38,560 सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी. इसके अलावा 51, 311 जैमर्स तैनात किे गए हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क