री-NEET परीक्षा पूरी, 22 लाख से ज्यादा छात्र हुए शामिल, सामने आए कई विवाद

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा री-NEET 2026 रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी हो गई है. परीक्षा में 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए देशभर के परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे. परीक्षा खत्म होने के साथ ही कई विवाद भी सामने आए. कहीं एक मिनट की देरी की वजह से छात्रों को एंट्री नहीं मिली तो कहीं एक बार फिर आस्था आहत हुई. 

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Re-NEET Exam 2026 Over Re-NEET Exam 2026 Over

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:44 PM IST

आज देश-विदेश के 5 हजार से ज्यादा सेंटर्स पर री-नीट यूजी की परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच खत्म हो गई है. दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे खत्म हुई परीक्षा में करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था. इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सीसीटीवी कैमरों से हर सेंटर पर निगरानी रख रहे थे. 2 लाख से ज्यादा सुरक्षा कर्मी परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए तैनात किए गए थे. हालांकि, कड़ी सुरक्षा के बार भी कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा. NTA के नियम के मुताबिक, 1.30 बजे के बाद किसी भी छात्रों को एंट्री के लिए पूरी तरह से मनाही थी. ऐसे में कई छात्र अलग-अलग कारणों की वजह से वह समय पर एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच पाएं और परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए.    

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सुरक्षा के थे कई स्तर

री-NEET परीक्षा को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया गया था. परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई. बता दें कि री-नीट के लिए भारत के 551 शहरों में 5440 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. वहीं, विदेशों के 14 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. परीक्षा अंग्रेजी समेत 12 भारतीय भाषा में हुई. परीक्षा में 22 लाख से अधिक उम्मीदवार हिस्सा लिए जिसके लिए  NTA ने 95 हजार से अधिक कमरों में परीक्षा का आयोजन किया जिसके लिए 1,38,560 सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की. 

51, 311 जैमर्स तैनात 

इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक के जरिए नकल को रोकने के लिए करीब 51,311 जैमर तैनात किए गए थे. इनमें 17,054 जैमर ईसीआईएल और 34,257 जैमर बीईएल ने उपलब्ध कराए हैं. उम्मीदवारों की पहचान के लिए 38,798 फ्रिस्किंग कर्मियों और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों की तैनाती की गई थी. 

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एक बार फिर विवादों में एंट्री 

परीक्षा शुरू होने के बाद कई खबरें भी सामने आई. एक  छात्रा के परिवार ने दावा किया कि वह दोपहर 1:31 बजे एग्जाम सेंटर पर पहुंची लेकिन गेट दोपहर 1:27 बजे बंद हो गए थे. वहीं, दूसरी ओर भोपाल में भी NEET-UG की दोबारा परीक्षा के लिए देर से पहुंचने पर दो छात्रों को परीक्षा केंद्र में नहीं जाने दिया गया. एक छात्र के चाचा, आमिर कादरी कहते हैं कि मैं अपने भतीजे के साथ उसकी परीक्षा के लिए यहां आया हूं. परीक्षा केंद्र जाते समय हमारा एक्सीडेंट हो गया और हमें थोड़ी देर हो गई, क्योंकि मेरे भतीजे को प्राथमिक उपचार दिया गया था. अब जब हम यहां पहुंच गए हैं, तो हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है. 

आस्था भी हुई आहत 

बात केवल एंट्री तक खत्म नहीं हुई. अहमदाबाद के वस्त्रापुर में स्थित NEET परीक्षा केंद्र आरजे टिबरेवाल पर हिंदू छात्रों के हाथ में कलावा और मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने को लेकर विवाद खड़ा हो गया. परीक्षा सेंटर के गेट पर सिक्योरिटी कर्मियों के द्वारा कलावा काटकर छात्रों को प्रवेश दिया गया, उसी समय मुस्लिम छात्राओं का हिजाब उतरवाया गया था. इससे परीक्षा केंद्र पर भारी विवाद खड़ा हो गया. परीक्षा से पहले बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि छात्रों की धार्मिक भावनाओं को बिल्कुल भी ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी और कलाइयों से मन्नत के धागे नहीं हटाए जाएंगे. लेकिन जब परीक्षा की घड़ी आई तो जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर नजर आई.

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