प्रिंस रहीम आगा खान पंचम इस्माइली मुसलमानों के 50वें वंशानुगत इमाम हैं. वह इस समय भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं. उन्हें फरवरी 2025 में उनके पिता प्रिंस करीम अल-हुसैनी आगा खान चतुर्थ के निधन के बाद आगा खान पंचम घोषित किया गया था. आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) के अनुसार, वह संगठन के चेयरमैन भी हैं और लंबे समय से इसके विभिन्न संस्थानों के काम से जुड़े रहे हैं. हालांकि, भारत की यात्रा के दौरान पीएम मोदी से लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ भी हुई है. लेकिन इस बीच उनकी शैक्षणिक सफर भी लोगों के बीच चर्चा में रहा.
अमेरिका से की पढ़ाई
बता दें कि प्रिंस रहीम की शुरुआती शिक्षा अमेरिका के प्रतिष्ठित फिलिप्स एकेडमी एंडोवर (Phillips Academy Andover) से हुई. इसके बाद वह अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी (Brown University) में चले गए. AKDN की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने 1995 में ब्राउन यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की डिग्री हासिल की. उनका विषय तुलनात्मक साहित्य यानी कि Comparative Literature था. इसके बाद से उन्होंने स्पेन की प्रतिष्ठित IESE बिजनेस स्कूल से प्रबंधन और प्रशासन का अध्ययन किया.
आगा खान पंचम बनने के बाद क्या जिम्मेदारी?
प्रिंस रहीम को फरवरी 2025 में आगा खान पंचम घोषित किया गया. इसके साथ वह शिया इस्माइली मुसलमानों के आध्यात्मिक नेता बने. AKDN की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वह Aga Khan Development Network के चेयरमैन के रूप में भी काम कर रहे हैं और उससे जुड़े विकास कार्यों से जुड़े हुए हैं. नेटवर्क शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास, संस्कृति और पर्यावरण सहित कई क्षेत्रों में काम करते हैं.
कौन हैं प्रिंस रहीम आगा खान पंचम?
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम इस्माइली मुस्लिम समुदाय के 50वें इमाम हैं. वह आगा डेवलपमेंट नेटवर्क के चेयरमैन के तौर पर भी काम कर रहे हैं. उनका जन्म 12 अक्तूबर, 1971 को जेनेवा में हुआ था. वह दुनियाभर के फैले लगभग 1.5 करोड़ इस्माइली मुसलमानों का आध्यात्मिक मार्गदर्शन करते हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क