देश में परीक्षाओं की शुचिता को लेकर मचा घमासान अब एक बड़े राजनीतिक युद्ध में तब्दील हो चुका है. नीट पेपर लीक विवाद के बाद अब सीबीएसई (CBSE) कक्षा 12वीं के रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रणाली पर उठे गंभीर सवालों को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने सरकार पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा है कि मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और प्रतिष्ठित संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया है.
राहुल गांधी का यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर आते ही वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि देश का युवा और 'जेन-जी' (Gen-Z) इस बार सरकार का अहंकार तोड़कर रहेगा.
दशकों में पहली बार CBSE पर इतने गंभीर सवाल: राहुल
राहुल गांधी ने सीबीएसई के डिजिटल इवैल्युएशन सिस्टम (OSM) की खामियों की वजह से परेशान हो रहे करीब 18.5 लाख बच्चों का मुद्दा उठाते हुए सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े किए. राहुल गांधी ने लिखा:
'मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया. दशकों में पहली बार CBSE बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं. 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी - और एक हफ़्ते से OSM, ग़लत मार्किंग और जाँच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं.'
'17 साल के बच्चे को न्याय के बदले मिलीं गालियां'
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में उस पीड़ित छात्र का भी ज़िक्र किया, जिसने हाल ही में अपनी उत्तर पुस्तिका बदले जाने (आंसर शीट एक्सचेंज) की आपबीती सोशल मीडिया पर सबूतों के साथ साझा की थी. राहुल ने बीजेपी के आईटी सेल को आड़े हाथों लेते हुए लिखा:
'एक 17 साल का बच्चा, जिसकी कॉपी ग़लत जांची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया. मगर, उसे मदद नहीं, गालियां मिलीं - BJP के IT cell ने उसे एंटी नेशनल कहा, “सोरोस का एजेंट” कहा, “डीप स्टेट ” का हिस्सा कहा. एक 17 साल का बच्चा अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाता है और यह BJP उसे देशद्रोही बना देती है."
'युवाओं से डरती है मोदी सरकार, लेकिन यही युवा आपका घमंड तोड़ेंगे'
चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन में आ रही इन गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को डराने-धमकाने की राजनीति पर कड़ा ऐतराज जताते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को सीधे चेतावनी दी. उन्होंने अपनी पोस्ट के आखिर में लिखा:
'सच यह है - मोदी सरकार युवाओं और Gen Z से डरती है, क्योंकि वो अब सवाल पूछ रहे हैं. और जो सवाल पूछे, उसे यह सरकार बदनाम करती है, डराती है, कुचलती है. पर सुन लीजिए, मोदी जी - यही युवा, यही Gen-Z आपका अहंकार तोड़ेगा.'
सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन और ओएसएम के परिणाम से असंतुष्ट लाखों छात्रों के इस गुस्से को अब राजनीतिक धार मिल चुकी है. विपक्ष के इस आक्रामक रुख के बाद अब शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई बैकफुट पर हैं, और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले को लेकर संसद से सड़क तक घमासान और तेज होना तय माना जा रहा है.
आजतक एजुकेशन डेस्क