दिल्‍ली के स्कूल ने EWS कैटेगरी के छात्रों से मांगी 67,000 फीस, स्कूल से मांगा गया जवाब

आर्थ‍िक रूप से कमजोर व वंच‍ित वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए ईडब्ल्यूए डीजी कोटा बना है. इसमें सरकार ने श‍िक्षा का अध‍िकार अध‍िनियम में सभी निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों में एडमिशन और कक्षा 8 तक मुफ्त और अन‍िवार्य श‍िक्षा का प्रावधान किया है.

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प्रतीकात्मक फोटो (Getty) प्रतीकात्मक फोटो (Getty)

aajtak.in

  • नई द‍िल्ली ,
  • 21 जून 2022,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

दिल्ली के बाराखंभा रोड स्थित मॉडर्न स्कूल में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में पढ़ने वाले ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों से इस शैक्षणिक वर्ष के पहले कार्यकाल के लिए फीस में 67,000 रुपये से अधिक का भुगतान करने के लिए कहा गया है. इसकी वजह से स्‍कूल अथॅारिटी को लीगल नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है. 

बता दें कि सरकार ने श‍िक्षा का अध‍िकार अधिनियम 2009 को दिल्ली के सभी निजी स्कूलों में अनिवार्य कर रखा है. इसमें प्रावधान है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित वर्ग (DG)कोटे के अंतर्गत आने वाले छात्रों को मुफ्त श‍िक्षा देनी होगी. इसमें दाख‍िला और आठवीं तक फ्री एजुकेशन देना अनिवार्य है. 

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बता दें कि मॉडर्न स्कूल शहर के उन 400 स्कूलों में से एक है, जो दिल्ली विकास प्राधिकरण जैसी सार्वजनिक भूमि-स्वामित्व वाली एजेंसियों द्वारा उन्हें दी गई भूमि पर बनाए गए हैं. इन स्कूलों को इस शर्त पर रियायती दरों पर जमीन आवंटित की गई थी कि वे ईडब्ल्यूएस बच्चों को मुफ्त शिक्षा देंगे. दिल्ली के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 में कहा गया है कि ये स्कूल मुफ्त प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने और माध्यमिक / वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा पूरी होने तक, जैसा भी मामला हो, अपने दायित्व को पूरा करना जारी रखेंगे

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ईडब्ल्यूएस सीटों के खिलाफ स्कूल में दाखिल 11वीं कक्षा के 14 छात्रों की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल द्वारा स्कूल को कानूनी नोटिस जारी किया गया है.

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इन बच्चों के माता-पिता को इस महीने की शुरुआत में स्कूल से संदेश मिला कि वे अप्रैल से जुलाई तक 2022-2023 शैक्षणिक सत्र के पहले कार्यकाल के लिए 67,385 रुपये की बकाया फीस चुका दें. इस पूरे मामले में स्कूल की ओर से अभी कोई प्रतिक्र‍िया नहीं मिल सकी है.

 

 

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