JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली को लेकर 17 दिनों से अनशन कर रहे छात्रों में आंदोलन का जज्बा घटने के बजाय और मजबूत हुआ है. 10 अगस्त को रांची की सड़कों में प्रदर्शनकारी छात्रों का हुजूम देखकर झारखंड सरकार की नींद जरूर उड़ गई होगी. ये जन सैलाब असल में एक जेन जी सैलाब की तरह आगे बढ़ रहा था.
हाथों में तिरंगा थामे विधानसभा की ओर दौड़ते इस प्रदर्शनकारी और उसके साथ चल रहे दूसरे छात्र की तस्वीर साफ कह रही है कि ये छात्र किसी झूठे दिलासे से थमने वाले नहीं है. रांची की सड़कों पर ये नजारा आज पूरे देश ने देखा है.
पिछले नौ दिनों से अन्न त्याग कर छात्रों के हित के लिए अनशन कर रहे आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो के साथ आज छात्रों का पूरा साथ नजर आ रहा था. हाथों में गुरु जी शिबू सोरेन की तस्वीर बता रही है कि आंदोलन से अपनी लड़ाई जीतना इन युवाओं ने अपने पुरखों से ही सीखा है.
जंतर मंंतर की ही तरह यहां भी जेन जी का अपना अलग अंदाज देखने को मिला. बाइक में बैठा गोरिल्ला भी इस प्रदर्शन में अपनी मांगों को हाथों में पकड़े सीधे विधानसभा पहुंचने को तैयार दिखा.
सुधीर गुप्ता, अरविंंद लाल पर सीआईडी रेड कब करेगी.... ये वाे मांग है जो छात्र लगातार पहले दिन से कर रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि सरकार सीआईडी से जांच कराकर छोटी मछलियों को पकड़कर खानापूरी कर रही है. इसमें बड़ी बड़ी व्हेल मछलियां और मगरमच्छ भी शामिल हैं. उनके इसी आरोप की बानगी यहां देखने को मिली.
रांची में आक्रोशित छात्र न सिर्फ एजुकेशन सिस्टम से नाराज हैं, बल्कि उनकी नाराजगी राज्य की सबसे ख्यातिलब्ध जांच एजेंसी सीआईडी के प्रति भी है. ये नाराजगी इन मांगों से साफ समझ आ रही है.
विधानसभा मार्च में छात्रों को सदन तक न पहुंचने देने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे. ये तस्वीर बता रही है कि अपनी आवाज को पटल पर रखने के लिए इन कटीले तारों से लड़कर आगे बढ़ना होगा.
छात्र इन कटीले तारों से भी रुकने वाले नहीं थे. ये तस्वीर उसी जज्बे को बयां कर रही है, छात्रों का एक बड़ा जत्था इन कटीले तारों तक पहुंचकर इनसे भी आगे निकलने काे तैयार बैठा था. हुआ भी यही, छात्र विधानसभा के काफी करीब पहुंच गए.
बीएनएस की धारा 163 यहां लागू थी. छात्रों को रोकने का अब प्रशासन का अगला हथकंडा वाटर कैनन था. तो छात्रों पर तेज धार में वाटर कैनन से पानी छोड़ दिया गया. छात्र फिर भी वहां से नहीं डिगे, वो जोर जोर से नारे लगाने लगे.
इतना ही नहीं वाटर कैनन के फव्वारों में किसी ने नहाना तो किसी ने नाचना शुरू कर दिया. प्रशासन के सामने ये बड़े असमंजस की स्थिति बन गई थी. प्रशासन के सभी प्रयास यहां फेल होते दिख रहे थे. छात्रों के नारों की हुंकार से पूरा विधानसभा इलाका गूंज रहा था.
आज जब एक तरफ सरकार ने छात्रों को विधानसभा में जाने से रोकने की तैयारी कर रखी थी. उधर छात्र दूसरे रास्तों से विधानसभा के काफी करीब पहुंच गए. देखा जाए तो ये विरोध का एक तरीका था जिसमें ये छात्र हुक्मरानों को अपनी ताकत से परिचित कराना चाह रहे थे. कहीं न कहीं तमाम धांधलियों और एग्जाम के घोटालों ने उनके भीतर की बेचारगी को ज्वालामुखी में बदल दिया है. ये तस्वीरें आज की अंतिम तस्वीरें नहीं है. प्रदर्शन लगातार जारी है.