3 मई को आयोजित हुए नीट पेपर लीक के बाद रद्द कर दिया गया. इसके बाद 21 जून को दोबारा से पेपर करवाने का आदेश दिया गया लेकिन इस बीच न जाने कितनी घटनाओं ने छात्रों को परेशान कर दिया. अब परीक्षा के लिए कुछ घंटे बाकी हैं और आज देशभर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है. लेकिन सवाल खड़ा होता है कि आखिरी समय पर मॉक ड्रिल करवाने का क्या फायदा? तो बता दें कि लंबे समय से विवादों में फंसे NTA, सुरक्षित और बिना किसी गड़बड़ी के पेपर कराना नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के लिए बड़ा सवाल बन चुका है. परीक्षा से एक दिन पहले मॉक ड्रिल करवाने का मतलब है पेपर वाले दिन छोटी-बड़ी तैयारियों का जायजा लेना.
राजधानी पर भी लगा पहरा
इसे लेकर देश की राजधानी दिल्ली भी सुरक्षा के घेरे में है. यहां पर मौजूद NTA का मुख्यालय से लेकर राज्यों के सेंटर्स तक सुरक्षा से जुड़े कई कदम उठाए गए हैं. परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने के लिए आज सुबह से ही देश-विदेश परीक्षा केंद्रों पर तैयारियां जारी हैं.
NTA का फैसला
इस मामले में NTA के अधिकारियों ने बताया कि देशभर के सभी परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल करने का उद्देश्य परीक्षा वाले दिन की व्यवस्था को चेक करना था. इसके जरिए पश्न पत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाना, जैमर्स का सही से काम करना, बायोमेट्रिक और सीसीटीवी कैमरों की लाइव कनेक्टिविटी को परखा जाना है जिससे परीक्षा वाले दिन किसी तरह की कोई दिक्कत न हो.
दिल्ली NTA ऑफिस पर भी नजर
NTA पर लगे आरोप और हाल में चल रहे विवाद को ध्यान में रखते हुए दिल्ली स्थित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय की सुरक्षा को भी कई गुना बढ़ा दिया गया है. भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है.इसके अलावा केंद्रीय कंट्रोल रूम को भी एक्टिव किया गया है जिसकी लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी.
कल 2 बजे से शुरू होगी परीक्षा
कल एक बार फिर 22.79 लाख छात्र अपनी किस्मत आजमाने के लिए तैयार हैं. परीक्षा का आयोजन पेन-पेपर मोड में किया जा रहा है. दोपहर 2 बजे से लेकर शाम के 5.15 बजे तक पेपर का आयोजन किया जाएगा. नीट यूजी 2026 के लिए भारत में 551 शहरों में और देश के बाहर 14 विदेशी शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क