नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार को नीट यूजी री-टेस्ट 2026 के रिजल्ट जारी किए जिसमें 11.21 लाख उम्मीदवार देशभर में मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य संबंधित कोर्सों में प्रवेश के लिए योग्य घोषित हुए. रिजल्ट समय पर जारी किया गया ताकि मेडिकल एडमिशन और काउंसलिंग की प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के शुरू हो सके.
इस परीक्षा में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से सबसे अधिक स्कोर किया.
NTA के मुताबिक, 19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक नंबर हासिल किए, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक प्राप्त किए. कुल 1,492 उम्मीदवारों ने 650 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए, 10,160 उम्मीदवारों ने 600 अंकों का आंकड़ा पार किया और 90,780 उम्मीदवारों ने 500 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए. एजेंसी ने कहा कि टॉप 138 में से 93 प्रतिशत से अधिक पहली बार NEET परीक्षा देने वाले उम्मीदवार थे, जिनमें से लगभग सभी की आयु 17 से 19 वर्ष के बीच थी.
अंकों में गड़बड़ी
हालांकि, एक ओर जहां टॉपर अपने नंबरों को लेकर खुशी मना रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ कई लोगों ने NTA को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. नीट यूजी 2026 री-टेस्ट का रिजल्ट जारी होने के बाद महाराष्ट्र के बीड जिले के कई छात्रों ने अपने अंकों पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि एनटीए की आधिकारिक आंसर की के हिसाब से जितने अंक बनने चाहिए थे, रिजल्ट में उससे अलग अंक दिए गए हैं. प्रभावित उम्मीदवारों के परिवारों ने दावा किया कि कथित मतभेदों ने उनके मेडिकल प्रवेश की संभावनाओं को प्रभावित किया और कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं.
एक छात्र, सोहम गावटे ने दावा किया कि उन्हें 522 अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अंतिम परिणाम में उन्हें 95 नंबर ही मिले. एक अन्य उम्मीदवार, ज्ञानेश्वरी पवार ने आरोप लगाया कि एनटीए की ओर से अपलोड की गई ओएमआर शीट परीक्षा के दौरान उनके द्वारा भरी गई शीट से मेल नहीं खाती थी.
उसके परिवार का दावा है कि उसे 702 अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उसे 87 अंक ही मिले. उम्मीदवारों के अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच की मांग की है और यदि कोई गलती पाई जाती है तो संशोधित स्कोरकार्ड जारी करने का अनुरोध किया है.
NTA ने जताई आपत्ति
इन आरोपों के बीच NTA ने कहा कि उसे नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा के बाद जांच के लिए प्रस्तुत ओएमआर शीट से जुड़ी कई शिकायतें मिली हैं. एजेंसी ने दावा किया कि उम्मीदवारों की ओर से जमा किए गए और ऑनलाइन प्रसारित किए गए कुछ डॉक्यूमेंट नकली या एआई से बनाए गए हैं. इसने छात्रों और अभिभावकों को केवल मूल ओएमआर शीट जमा करने की सलाह दी और चेतावनी दी कि जाली दस्तावेज जमा करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
एनटीए ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक दावे की भी जांच की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक उम्मीदवार की ओएमआर शीट गलती से अपलोड कर दी गई थी और उसकी जगह किसी अन्य छात्र की उत्तर पुस्तिका रख दी गई थी.
फोरेंसिक जांच के बाद, एजेंसी ने कहा कि उसके रिकॉर्ड में उपलब्ध ओएमआर शीट असली थी, उसमें उम्मीदवार का सही विवरण था और उसका मूल्यांकन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया था.
उन्होंने आगे कहा कि फर्जी ओएमआर शीट में कई गड़बड़ियां मिलीं, जैसे बहुत ज्यादा रिजॉल्यूशन, स्याही के बदले हुए रंग, असामान्य अंगूठे का निशान और प्रिंटिंग से जुड़ी गलतियां. एजेंसी के अनुसार, ये सभी बातें साबित करती हैं कि डॉक्यूमेंट में डिजिटल छेड़छाड़ की गई थी.
कानपुर मामला
वहीं, एक मामला कानपुर से भी आया जिसमें एक और बवाल खड़ा कर दिया. कानपुर की उम्मीदवार आर्य सिंह की ओर से अपने NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा स्कोर में गलतियों का आरोप लगाया जिसके बाद से नई चर्चा सामने आई. आर्या ने दावा किया कि उनकी ओएमआर शीट में 609 अंक दिखाए गए थे, लेकिन एनटीए पोर्टल पर शुरू में 540 अंक प्रदर्शित हुए, जो कथित तौर पर कुछ ही घंटों में घटकर 167 अंक हो गए.
उनके अनुसार, एनटीए की ओर से अपलोड की गई ओएमआर शीट में शुरू में प्रश्नों का क्रम गलत था. उनके आपत्ति जताने के बाद एजेंसी ने एक संशोधित ओएमआर शीट अपलोड की, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि मूल्यांकन में अभी भी गलत अंक दर्शाए गए हैं. पोर्टल पर हाल में प्रदर्शित स्कोर 167 अंक है, जिसमें रैंक 12,52,036 है. आर्या ने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई है और जांच की मांग करते हुए अपनी ओएमआर शीट, रिजल्ट के स्क्रीनशॉट और अन्य दस्तावेज जमा किए हैं. उन्होंने कहा कि अगर मामला अनसुलझा रहता है तो वह राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगी.
NTA की सफाई
20 जून को एनटीए ने नीट यूजी 2026 री-टेस्ट से जुड़ी पांच शिकायतों पर जवाब जारी किया. एजेंसी ने ओएमआर शीट और अंकों में गड़बड़ी के आरोपों को गलत बताया. एनटीए ने कहा कि सभी उम्मीदवारों की असली ओएमआर शीट उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित हैं और उनमें कई सुरक्षा फीचर मौजूद हैं.
अवनीश श्रीवास्तव के मामले में एनटीए ने बताया कि उनकी असली ओएमआर शीट, जिसमें उनका नाम, माता-पिता का नाम, हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान और पर्यवेक्षकों के हस्ताक्षर थे. पहले से रिकॉर्ड में मौजूद है. यह शीट उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने की अवधि के दौरान उन्हें दिखाई भी गई थी.
एजेंसी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल ओएमआर शीट में अजीत सिंह नाम था, जो किसी भी रजिस्ट्रेशन नीट यूजी 2026 उम्मीदवार का नहीं है.
एनटीए ने प्रतिभा त्रिवेदी के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि वायरल ओएमआर शीट से छेड़छाड़ की गई थी और उनका सही स्कोर 38 अंक है.
अभय यादव के मामले में एनटीए ने कहा कि उन्होंने केवल पांच सवाल खाली छोड़ने का दावा किया था, जबकि आधिकारिक ओएमआर रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 44 सवालों के जवाब नहीं दिए थे और उनका सही स्कोर 164 अंक था.
आजतक एजुकेशन डेस्क