इजरायल एयरफोर्स ने ईरान के टेकऑफ करने जा रहे दो लड़ाकू विमानों को तबाह किया

इजरायल एयर फोर्स ने ईरान के तबरीज़ हवाई अड्डे पर दो लड़ाकू विमानों – F-5 और F-4 – पर हमला किया. ये विमान उड़ान भरने के लिए तैयार थे. हमले से दोनों विमान पूरी तरह नष्ट हो गए. इजरायल का मकसद ईरान की वायुसेना को कमजोर करना. उसकी हवाई रक्षा व्यवस्था को और तोड़ना है. आईडीएफ ने कहा कि ईरान की आतंकवादी व्यवस्था से जुड़े ढांचों पर हमले जारी रहेंगे.

Advertisement
ये है इरानी वायुसेना का एफ-5 फाइटर जेट. (Photo: IRIAF) ये है इरानी वायुसेना का एफ-5 फाइटर जेट. (Photo: IRIAF)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:12 PM IST

इजरायल एयर फोर्स (IAF) ने ईरान के पश्चिमी शहर तबरीज़ के हवाई अड्डे पर दो लड़ाकू विमानों पर हमला किया. ये विमान ईरान के पुराने F-5 और F-4 मॉडल के थे. उड़ान भरने के लिए तैयार खड़े थे. इजरायल ने इन पर सटीक हमला करके दोनों विमानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया.

इजरायली सेना ने कहा कि यह हमला ईरान की वायुसेना की गतिविधियों को कमजोर करने और ईरान की हवाई रक्षा व्यवस्था को और अधिक तोड़ने के लिए किया गया. आईडीएफ ने बयान में कहा कि हम ईरान की आतंकवादी व्यवस्था से जुड़े ढांचों पर लगातार हमले कर रहे हैं ताकि यह व्यवस्था कमजोर हो. इजरायल के खिलाफ कोई खतरा न पैदा हो सके.

Advertisement

यह भी पढ़ें: इजरायल-US का प्रचंड प्रहार... क्यों ईरान नहीं झेल सकता लंबी लड़ाई?

क्या है F-5 और F-4 विमान? 

F-5 और F-4 विमान ईरान के बहुत पुराने लड़ाकू विमान हैं, जो 1970-80 के दशक में अमेरिका से खरीदे गए थे. ईरान के पास इनकी संख्या बहुत कम बची है. ये आधुनिक हवाई युद्ध में कमजोर माने जाते हैं. फिर भी इजरायल ने इन्हें उड़ान भरने से पहले ही नष्ट कर दिया, ताकि ईरान इनका इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ न कर सके.

यह हमला इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का एक और हिस्सा है. पिछले कुछ दिनों में इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्चरों और हवाई रक्षा सिस्टम पर बड़े हमले किए हैं. इजरायल का कहना है कि ये हमले आत्मरक्षा के लिए हैं. ईरान की तरफ से आने वाले खतरों को रोकने के लिए जरूरी हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: क्या अब ईरान में घुसेगी अमेरिका-इजरायल की सेना... खामेनेई के खात्मे के बाद क्या होगा अगला कदम

ईरान ने अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन पिछले हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल अब ईरान की हवाई ताकत को पूरी तरह कमजोर करने की कोशिश कर रहा है ताकि भविष्य में कोई बड़ा खतरा न रहे.

इजरायल एयर फोर्स ने साफ कहा है कि वह ईरान की आतंकवादी व्यवस्था को कमजोर करने के लिए ऐसे हमले जारी रखेगा. स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement