ईरान की बड़ी धमकी... अमेरिका से जुड़े तेल डिपो को 'राख के ढेर' में बदल देंगे

ईरान ने अमेरिका से जुड़ी तेल सुविधाओं को 'राख का ढेर' बनाने की धमकी दी है, जबकि ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रोकी गई तो खार्ग द्वीप के तेल ढांचे को पूरी तरह तबाह कर देंगे. युद्ध के 14 दिनों में 1200+ मौतें हुई हैं. 32 लाख विस्थापित हुए हैं. तेल कीमतें 40% बढ़ीं हैं.

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ईरान के खार्ग द्वीप से जुड़ा ऑफशोर ऑयल प्लेटफॉर्म. (Photo: Reuters) ईरान के खार्ग द्वीप से जुड़ा ऑफशोर ऑयल प्लेटफॉर्म. (Photo: Reuters)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 14 दिनों से चल रहा युद्ध अब तेल सुविधाओं पर सीधे हमलों की धमकी तक पहुंच गया है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका उसके तेल ठिकानों पर हमला करेगा तो अमेरिका से जुड़ी तेल सुविधाओं को राख का ढेर बना देगा.

दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बाधित हुई तो ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देंगे. इस युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार को हिला दिया है. कच्चे तेल की कीमतें 40% से ज्यादा बढ़ गई हैं.

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युद्ध की शुरुआत और अब तक का नुकसान

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए. पहले दिन ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. तब से अब तक अमेरिका-इजरायल ने ईरान में 15,000 से ज्यादा ठिकानों पदीपर हमले किए हैं. इजरायल ने अकेले 7,600 हमले किए, जिनमें ज्यादातर ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को निशाना बनाया. 

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 1200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी एजेंसी के अनुसार 32 लाख लोग देश के अंदर विस्थापित हो चुके हैं. ईरान ने जवाबी हमले में कम से कम 10 देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: दुनिया का तेल का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के कुल तेल का 20% हिस्सा ले जाने वाला संकरा समुद्री रास्ता है. ईरान ने धमकी दी है कि वह तेल टैंकरों पर हमला करेगा. इसके बाद इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है. ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही टैंकरों की एस्कॉर्ट (सुरक्षा) शुरू करेगी. ईरान ने जवाब दिया कि अगर अमेरिका उसके तेल ठिकानों पर हमला करेगा तो अमेरिका से जुड़ी तेल कंपनियों की सुविधाओं को तुरंत राख बना दिया जाएगा.

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खार्ग द्वीप पर हमला और ट्रंप का बयान

ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है. उन्होंने इसे मिडिल ईस्ट के इतिहास का सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियान बताया. लेकिन उन्होंने अभी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट नहीं किया. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रोकी गई तो वह तेल सुविधाओं को भी नष्ट कर देंगे. ईरान ने जवाब में कहा कि अमेरिका से जुड़ी किसी भी तेल सुविधा को तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा.

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तेहरान में विस्फोट और अन्य देशों पर असर

शुक्रवार रात तेहरान में भारी विस्फोट हुए. अमेरिका ने कहा है कि वह हवाई हमले और तेज करेगा. ट्रंप ने ईरान को 'पूरी तरह हार मान चुका' बताया और कहा कि वह कोई डील नहीं करेगा. कतर में शनिवार को दो मिसाइलें रोकी गईं. दोहा में विस्फोट की आवाजें सुनाई दीं और कुछ इलाकों को खाली कराया गया. 

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सऊदी अरब ने शुक्रवार को दर्जनों ड्रोन रोके. तुर्की ने कहा कि नाटो ने ईरान से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को गिराया. लेबनान में इजरायली हमले से एक क्लिनिक में 12 डॉक्टर और नर्स मारे गए. लेबनान में अब तक 773 लोग मारे जा चुके हैं.

ईरान में स्थिति और अमेरिकी मजबूती

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (अली खामेनेई के बेटे) को नियुक्त किया गया है, लेकिन वे सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं. घायल होने की खबर है. ईरान में जनवरी में विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें हजारों लोग मारे गए. युद्ध शुरू होने से इंटरनेट बंद है. रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने विरोध करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है. 

बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें धुआं उठता दिखा. अमेरिका ने जापान से USS Tripoli (एम्फीबियस असॉल्ट शिप) को 2500 मरीन के साथ क्षेत्र में भेजा है. युद्ध में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं.

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तेल संकट और वैश्विक खतरा

यह युद्ध अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा. तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है. अमेरिका और इजरायल की ताकत ज्यादा है, लेकिन ईरान जवाबी हमलों से कई देशों को निशाना बना रहा है. ट्रंप ने साफ कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सुरक्षित नहीं रहा तो तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा हमला होगा. ईरान ने भी जवाबी धमकी दे दी है.  

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