जिनपिंग नाराज... चीन के रक्षामंत्री की जांच शुरू, लगातार तीसरा मंत्री फंसा भ्रष्टाचार के जाल में

चीन के रक्षामंत्री एडमिरल डोंग जुन के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच चल रही है. चीन में लगातार एक के बाद तीसरे रक्षामंत्री इस तरह के आरोप और जांच का शिकार हुआ है. अमेरिका का कहना है कि चीन इस समय पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में मौजूद भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई कर रही है.

Advertisement
चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन. (फोटोः गेटी) चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन. (फोटोः गेटी)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:56 PM IST

चीन ने अपने रक्षामंत्री एडमिरल डोंग जुन को हाल ही में हुए घोटालों के लिए आरोपी पाया है. अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच चल रही है. ऐसा लगातार दूसरी बार हुआ है जब एक के बाद तीसरे रक्षामंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. उसकी जांच शुरू की गई है. संभावना है कि इसमें और भी बड़े अधिकारी फंसें.

Advertisement

एडमिरल डोंग जुन पिछले साल दिसंबर में रक्षामंत्री बनाए गए थे. उनसे पहले जनरल ली शांगफू रक्षामंत्री थे लेकिन उन्हें भी भ्रष्टाचार के आरोप में पद से बाहर कर दिया गया था. उससे पहले वी फेंगही रक्षामंत्री थे. लेकिन वो रिटायरमेंट के बाद इस जांच के घेरे में आए थे. अब डोंग के खिलाफ भी जांच चल रही है. 

यह भी पढ़ें: चीनी वैज्ञानिकों का दावा, Death Star से प्रेरित होकर बनाया बीम वेपन... जानिए क्या चीज है ये

ऐसे मामलों के जानकार अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है. इसके घेरे में वर्तमान रक्षामंत्री डोंग भी आ गए. जब अमेरिका ने इसके बारे में चीन के दूतावास से पता करने की कोशिश की तो उधर से किसी तरह का कोई बयान या प्रतिक्रिया नहीं आई. 

Advertisement

लाओस में मीटिंग के बाद आई खबर

डोंग के खिलाफ जांच की खबर लाओस में होने वाले एशियन डिफेंस मीटिंग के एक हफ्ते बाद आई है. इस मीटिंग में डोंग जुन ने अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन से मुलाकात के लिए मना कर दिया था. जिसे ऑस्टिन ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया था. इससे पहले ये दोनों इस साल मई में सिंगापुर में मिल चुके थे. 

यह भी पढ़ें: DF-100 Missile: भारत के मिसाइल टेस्ट के साथ ही चीन ने बढ़ाई अपनी खतरनाक मिसाइल की रेंज, अमेरिका-जापान के सैन्य अड्डे तक पहुंच

चीन का आरोप- अमेरिका बिगाड़ रहा खेल

चीन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये सब अमेरिका की साजिश है. क्योंकि उसने हाल ही में ताइवान के लिए हथियारों का पैकेज अप्रूव किया है. इसमें एडवांस सरफेस-टू-एयर मिसाइल भी शामिल हैं. यह विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के शी जिनपिंग की पेरू में हुई मुलाकात के बाद शुरू हुआ है. जिसमें कहा गया था कि दोनों देशों की सेनाएं अब डायरेक्टली बातचीत करेंगी. 

यह बातचीत चीन ने अगस्त 2022 में बंद हो गई थीं. क्योंकि उस समय अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की पहली स्पीकर नैंसी पेलोसी ने 25 साल में पहली बार ताइवान की यात्रा की थी. ऐसा 25 साल में पहली बार हुआ था. जिसकी वजह से चीन ने सेनाओं की बातचीत रोक दी थी. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: Haunted House में जाने से क्या होता है आपके शरीर पर असर?

जिनपिंग को भरोसा नहीं अपने अधिकारियों पर... एक्सपर्ट

पूर्व सीआईए एनालिस्ट क्रिस्टोफर जॉन्सन कहते हैं कि शी जिनपिंग ने 2018 में वी फेंगही को रक्षामंत्री बनाकर गड़बड़ किया था. रॉकेट फोर्स के प्रमुख को सीधे रक्षामंत्री बनाया. जबकि उन्हें आर्मी जनरल बनाना था. डोंग जुन नौसैनिक रहे हैं. शी जिनपिंग ने इन्हें खोजने में चार महीने लगाए. तब जिनपिंग ने भरोसा दिलाया था कि सेना भ्रष्टाचार मुक्त रहेगी. लेकिन जिनपिंग अब हैरान हैं कि सेना में हर कोने में करप्शन है. 

जिनपिंग ने किन गांग को भी हटाया था. वह विदेश मंत्री था. किन का अमेरिका में मौजूद एक चीनी महिला के साथ विवाहेत्तर संबंध था. क्रिस्टोफर का कहना है कि जिनपिंग की ओर से चलाई जा रही इस जांच से पता चलता है कि उन्हें अपनी सेना के अधिकारियों पर भरोसा नहीं है.  

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »