उन्नाव रेप: पीड़िता की मां की चिट्ठी पर आज सुनवाई, UP से ट्रांसफर हो सकता है केस

रेप पीड़िता की मां की चिट्ठी का संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने सेक्रेटरी जनरल से रिपोर्ट मांगी है कि चिट्ठी 17 जुलाई को ही मिल गई थी तो इसे मंगलवार शाम चार बजे से पहले सुनवाई के लिए क्यों नहीं रखा गया?

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उन्नाव मामले पर पूरे देश में है गुस्सा (फोटो: IANS) उन्नाव मामले पर पूरे देश में है गुस्सा (फोटो: IANS)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 8:17 AM IST

उन्नाव रेप कांड को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई होने वाली है. सुप्रीम कोर्ट आज पीड़िता की मां की चिट्ठी पर सुनवाई करेगा कि 17  जुलाई को मिली चिट्ठी कोर्ट के संज्ञान में देरी से क्यों लाई गई. यही नहीं, उन्नाव रेप केस की सुनवाई लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर करने पर भी फैसला हो सकता है. कोर्ट में आज यूपी सरकार पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भी पेश करेगी.

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रेप पीड़िता की मां की चिट्ठी का संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने सेक्रेटरी जनरल से रिपोर्ट मांगी है कि चिट्ठी 17 जुलाई को ही मिल गई थी तो इसे मंगलवार शाम चार बजे से पहले सुनवाई के लिए क्यों नहीं रखा गया? इस चिट्ठी में चीफ जस्टिस से ये शिकायत की गई थी कि रेप पीड़िता और उसके परिवार को बीजेपी नेता समेत तमाम आरोपी धमका रहे हैं.

ये चिट्ठी 12 जुलाई को लिखी गई थी. इसके ठीक एक हफ्ते बाद ट्रक की टक्कर में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से जख्मी हो गया जबकि केस की गवाह चाची और मौसी की मौत हो गई.

रायबरेली में रविवार को हुए हादसे के बाद जब उन्नाव का मामला गरमाया तभी पीड़ित परिवार से चिट्ठी लिखे जाने की बात सामने आई. इस चिट्ठी को लेकर मुख्य न्यायाधीश ने अदालत में बेहद तल्ख टिप्पणी की. जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा- मैंने अखबारों में पढ़ा कि उन्नाव की पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखी है. मुझे इसके बारे में सूचित किया गया था. मैंने अब तक चिट्ठी नहीं देखी है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट से लगता है कि चिट्ठी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

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केस लखनऊ से ट्रांसफर करने का सुझाव

POCSO कानून के प्रावधानों को लागू करने में सुप्रीम कोर्ट की मदद के लिए नियुक्त एमिकस क्यूरी वरिष्ठ वकील वी गिरी ने इस पर कोर्ट से कहा कि उन्नाव केस गंभीर मोड़ ले चुका है. एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को इस केस को लखनऊ से ट्रांसफर करने का भी सुझाव दिया.

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यों वाली बेंच के समक्ष वरिष्ठ वकील वी गिरी ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि उन्नाव रेप केस की सुनवाई कर रही लखनऊ की अदालत के पास इस केस की सुनवाई के लिए जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं. इसलिए इस केस को ऐसी अदालत में शिफ्ट करने पर विचार होना चाहिए जहां जान के खतरे का सामना कर रही पीड़िता और गवाहों की काउंसलिंग समेत ऐसे केस की सुनवाई के लिए जरूरी सारी सुविधाएं हों.

सुप्रीम कोर्ट में आज चिट्ठी को लेकर सुनवाई होगी तो उम्मीद है कि उन्नाव रेप केस की सुनवाई यूपी के बाहर शिफ्ट करने पर भी कोई फैसला हो. पीड़िता के वकील ने भी कहा है कि वो कोर्ट से ये केस दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग करेंगे क्योंकि पीड़ित परिवार की जान को खतरा है.

आज की सुनवाई में रेप पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भी रखी जाएगी. मुख्य न्यायाधीश ने यूपी सरकार से मेडिकल रिपोर्ट तलब की है.

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