CBI ने लौटा दिया सेंगर का केस तो क्या करेगी योगी सरकार?

जिस तरह से अभी तक इस मामले में लापरवाही बरती गई है और विधायक की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है. इसी कारण कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब मिलना काफी जरूर हो गया है.

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अपने समर्थकों के साथ कुलदीप सिंह सेंगर (सफेद कुर्ते-पायजामे में) अपने समर्थकों के साथ कुलदीप सिंह सेंगर (सफेद कुर्ते-पायजामे में)

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • उन्नाव/लखनऊ,
  • 12 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

उन्नाव गैंगरेप मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एफआईआर दर्ज कर ली है. लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बावजूद विधायक को गिरफ्तार नहीं किया गया है. यूपी पुलिस की तरफ से अब ये मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है.

जिस तरह से अभी तक इस मामले में लापरवाही बरती गई है और विधायक की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है. इसी कारण कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब मिलना काफी जरूर हो गया है.

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इन सवालों के जवाब का इंतजार...

- आधी रात को विधायक का सरेंडर का तमाशा, क्या सिर्फ जांच का दिखावा ?

- मामले के 260 दिन बाद आरोपी MLA पर केस का क्या मतलब?

- अगर विधायक पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है, तो फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई. जबकि इस मामले में गिरफ्तारी जरूरी है.

- क्या केस दर्ज होने के बाद भी राज्य सरकार विधायक को बचाने में जुटी है?

- क्या होगा अगर गिरफ्तारी से पहले ही विधायक कहीं भाग जाए?

- यूपी पुलिस ने मामला सीबीआई को सौंपने की बात कही है, लेकिन अगर सीबीआई ही इस केस को लेने से मना कर दे तो क्या होगा. क्योंकि कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि सीबीआई कई केसों को लेने से मना कर देती है.

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बता दें कि गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के सवाल पर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि वह अभी सिर्फ आरोपी हैं. उनकी गिरफ्तारी का फैसला सीबीआई करेगी.

मामले में बरती गई लापरवाही

वहीं सूबे के प्रधान गृह सचिव अरविंद कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए SIT बनाई गई थी, जिसमें एडीजी लखनऊ जोन शामिल थे. उन्होंने पीड़िता, उसकी मां और आरोपी विधायक पक्ष के बयान दर्ज किए. तीन स्तर पर जांच की गई है. पहली जांच एसआईटी, दूसरी डीआईजी जेल और तीसरी डीएम उन्नाव को सौंपी गई थी. इसमें कई स्तर पर लापरवाही सामने आई है.

एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़ित लड़की की बहन ने आजतक से बात की और विधायक की गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि मेरे पिता को मारने वाले और इस साजिश को रचने वालों को फांसी होनी चाहिए. आजतक से बात करते हुए पीड़िता की बहन ने कहा कि इस मामले में जांच होनी चाहिए, जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए. हमें अब इस सरकार पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है.

पीड़ित की बहन ने कहा कि जब एक पीड़ित लड़की को डरा दिया जाए और उसके पिता-चाचा की हत्या करवाने की बात की जाए तो वह कैसे किसी का नाम ले सकती है. मेरी बहन जब दिल्ली गई तो उसने आवाज उठाना शुरू किया. हर तरफ से इनको (विधायक) बचाया जा रहा है, इन्हें जल्द से जल्द जेल भेजा जाए.

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