हिमांशु रॉय: मुंबई का एक आम लड़का ऐसे बना महाराष्ट्र पुलिस में 'सुपरकॉप'

मुंबई का जेडे हत्याकांड हो, आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग या फिर लैला खान डबल मर्डर केस, हिमांशु रॉय की दबंग छवि ने हर किसी को अपना कायल बनाया. पत्रकारों से बात करते हुए जब उन्हें किसी सवाल को टालना होता था या फिर जवाब नहीं देना होता था, तो वे उस सवाल को मज़ाक से या फिर वन लाइनर से हवा में उड़ा देते थे.

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IPS हिमाशुं रॉय अपने दबंग अंदाज के लिए जाने जाते थे IPS हिमाशुं रॉय अपने दबंग अंदाज के लिए जाने जाते थे

परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2018,
  • अपडेटेड 7:29 AM IST

महाराष्ट्र में 'सुपरकॉप' के नाम से चर्चित रहे आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय ने खुदकुशी कर ली. उनकी मौत की ख़बर से पूरा पुलिस विभाग सन्न है. रॉय ने मुंबई के अपने घर में शुक्रवार की दोपहर करीब 1.30 बजे खुदकुशी की. 55 साल के हिमांशु रॉय पुलिस विभाग में अपने कड़े रुख के लिए जाने जाते थे.

दबंग अंदाज ने बनाया सबको कायल

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मुंबई का जेडे हत्याकांड हो, आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग या फिर लैला खान डबल मर्डर केस, की दबंग छवि ने हर किसी को अपना कायल बनाया. पत्रकारों से बात करते हुए जब उन्हें किसी सवाल को टालना होता था या फिर जवाब नहीं देना होता था, तो वे उस सवाल को मज़ाक से या फिर वन लाइनर से हवा में उड़ा देते थे.

ऐसे किया था IPL में फिक्सिंग का खुलासा

2013 में उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में तब आया, जब उन्होंने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग को अपने हाथ में लिया. इसी बीच उन्होंने विंदू दारा सिंह, गुरुनाथ मयप्पन जैसे बड़े नामी लोगों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ भी की. इसके बावजूद उन्होंने हमेशा ये ही कहा कि आईपीएल का केस तो काफी आसान केस था, उन्होंने इससे भी कई मुश्किल केस हल किए हैं. हिमांशु ने कहा था कि आईपीएल केस में तो सिर्फ उन्हें सबूत जुटाने थे.

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सुपर कॉप बनने तक का सफर

हिमांशु मुंबई के सेंट ज़ैवियर कॉलेज में पढ़े थे. उनके पिता कोलाबा में डॉक्टर थे. हिमांशु रॉय ने 12वीं पास करने के बाद मेडिसन में ग्रेजुएशन करने की सोची. लेकिन बाद में सीए की पढ़ाई शुरू कर दी. कुछ ही समय बाद सीए भी छोड़ दिया. CA की पढ़ाई छोड़ने के 2 साल बाद उन्होंने IPS की परीक्षा दी. और पुलिस अफसर बन गए. उन्हें 1988 का बैच मिला. जब वह आईपीएस की परीक्षा देने गए थे, तभी उनकी मुलाकात वहां भावना से हुई थी. भावना मशहूर लेखक अमीश त्रिपाठी की बहन थीं, और उस समय IPS का पेपर वही ले रही थीं.

1992 में की थी शादी

वो मुलाकात आगे बढ़ी. बात दोस्ती से शादी तक जा पहुंची और 1992 में भावना ने हिमांशु से शादी कर ली. इसके बाद रॉय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली. लेकिन भावना ने IAS की नौकरी छोड़ दी और वह HIV समेत समाज कल्याण के लिए काम करने लगीं.

मालेगांव में हुई थी पहली पोस्टिंग

इससे पहले 1991 में हिमांशु की पहली पोस्टिंग मालेगांव में हुई थी, जहां उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद मुंबई में जो हालात बिगड़े थे, उस वक्त वहां हालात को संभाला था. 1995 में वो नासिक के सबसे युवा SP बने थे और फिर करियर की ऊंचाईयों को छूते चले गए.

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2009 में बने थे ज्वाइंट कमिश्नर

नासिक के बाद अहमद नगर के SP, इकॉनोमिक ऑफेंस विंग के DCP, डीसीपी ट्रैफिक, DCP ट्रैफिक, डीसीपी ज़ोन 1 और फिर नासिक के भी बने. 2009 में उन्हें मुंबई के ज्वाइंट कमिश्नर पद पर तैनात किया गया. उन्होंने ही मुंबई में पहली साइबर क्राइम सेल की शुरुआत की थी और महिला सेल को बढ़ावा देने का भी काम किया था.

बॉलीवुड से था लगाव

ना सिर्फ पुलिस फील्ड में बल्कि बॉलीवुड में भी उनके काफी फैन थे. 2012 में उन्होंने अरबाज़ खान के नाइट्रो जिम जिम का उद्घाटन भी किया था और सभी को फिटनेस के लिए प्रोत्साहित किया था. इसके अलावा इंड्रस्ट्री के कई कलाकारों के साथ उनके अच्छे संबंध थे, जिनमें अक्षय कुमार का नाम भी शामिल था. उनका शास्त्रीय संगीत से भी लगाव रहा.

कैंसर से पीड़ित थे हिमांशु रॉय

जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में महाराष्ट्र पुलिस के ADG (हाउसिंग) हिमांशु रॉय कैंसर से पीड़ित थे. काफी समय से उनका इलाज चल रहा था. बताया जा रहा है कि अप्रैल 2016 से उन्होंने मेडिकल लीव ले रखी थी. मगर वो इस तरह से अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेंगे, ऐसा किसी ने नहीं सोचा था.

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