महिला थाना, पिंक बूथ, रानी झांसी स्क्वाड और वामिका... महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस का 4 'P' मॉडल

दिल्ली पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए नया मॉडल तैयार कर रही है. पहला महिला थाना, पिंक बूथ, रानी झांसी स्क्वाड, वामिका पेट्रोलिंग वाहन, ऑल-वुमन पीसीआर और सशक्ति कार्यक्रम जैसी पहल राजधानी में सुरक्षित और संवेदनशील पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं. जानिए इन योजनाओं की पूरी कहानी.

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दिल्ली पुलिस ने महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए हैं (फोटो-ITG) दिल्ली पुलिस ने महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए हैं (फोटो-ITG)

परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:41 AM IST

Delhi Police Women Safety Initiatives: दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में कई नई पहल की हैं. महिला हेल्पलाइन 1091, पिंक बूथ, ऑल-वुमन पीसीआर वैन, रानी झांसी स्क्वाड, वामिका पेट्रोलिंग वाहन, शिष्टाचार अभियान और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के जरिए राजधानी में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में जून 2026 में दिल्ली का पहला पूर्ण महिला थाना भी शुरू किया गया है.

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दिल्ली पुलिस का पहला महिला थाना
स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन-1 देवेश श्रीवास्तव के अनुसार, 19 जून 2026 को नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के सब्जी मंडी इलाके में दिल्ली पुलिस के पहले महिला थाने का उद्घाटन किया गया है. यह थाना पूरे नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच करेगा. पहले से काम कर रही क्राइम अगेंस्ट वुमन (CAW) सेल को भी इसी थाने में शामिल कर दिया गया है.

स्पेशल सीपी देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस महिला थाने में मुख्य रूप से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. यहां घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, छेड़छाड़, पीछा करना, यौन उत्पीड़न, रेप और बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई और जांच की जाएगी. इसका मकसद पीड़ित महिलाओं को ऐसा माहौल देना है, जहां वे बिना डर और झिझक के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें.

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दिल्ली पुलिस का चार 'P' वाला सिद्धांत 
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस चार 'P' यानी प्रिवेंशन, प्रोटेक्शन, प्रॉम्प्ट इन्वेस्टिगेशन और पार्टिसिपेशन की नीति पर काम कर रही है. इसका मतलब है कि पुलिस की मौजूदगी से अपराध रोकना, त्वरित सहायता उपलब्ध कराना, समयबद्ध जांच करना और समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना. कई रेप और पॉक्सो मामलों में 15 से 20 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई है और कई मामलों में 10 से 40 दिनों के भीतर दोषियों को सजा भी दिलाई गई है.

राजधानी में 116 पिंक बूथ
दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सहायता के लिए राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 116 पिंक बूथ स्थापित किए हैं. इन बूथों पर महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराती हैं. जनवरी 2026 में दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में मिरांडा हाउस कॉलेज के सामने पहला विशेष पिंक बूथ शुरू किया गया था. इसे संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए स्थापित किया गया, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में छात्राएं आती हैं.

इन पिंक बूथों को मिनी कंट्रोल रूम की तरह विकसित किया गया है. यहां सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर, वायरलेस सेट और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. महिलाएं यहां ई-एफआईआर, साइबर अपराध, खोए हुए सामान की रिपोर्ट और आपात स्थिति में सहायता प्राप्त कर सकती हैं. कई बूथ 24 घंटे संचालित होते हैं और पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा संचालित किए जाते हैं.

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रानी झांसी स्क्वाड की मौजूदगी
स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन-1 देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'रानी झांसी स्क्वाड' की शुरुआत भी की है. यह महिला पुलिसकर्मियों की विशेष टीम है, जो स्कूटी और अन्य वाहनों से कॉलेजों, बस स्टॉप, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार गश्त करती है. इसका मकसद महिलाओं और छात्राओं के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना और छेड़छाड़ तथा स्टॉकिंग जैसी घटनाओं को रोकना है. सोशल मीडिया और पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह स्क्वाड कई संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे सक्रिय रहती है.

छात्राओं की सुरक्षा के लिए 'वामिका'
स्पेशल सीपी के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 'वामिका' नामक विशेष पेट्रोलिंग वाहन शुरू किया है. यह महिला सुरक्षा के लिए समर्पित एक विशेष गश्ती वाहन है, जो विश्वविद्यालय क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी रखता है.

इस वाहन का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना, उनकी शिकायतों का तुरंत समाधान करना और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करना है. नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस के अधिकारियों के अनुसार वामिका महिला-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

ऑल-वुमन पीसीआर वैन
विशेष पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ऑल-वुमन पीसीआर वैन भी तैनात की गई हैं. जिनमें महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहती हैं, जो संकट में फंसी महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराती हैं. इसके अलावा दिल्ली पुलिस की महिला हेल्पलाइन 1091 और आपातकालीन नंबर 112 चौबीसों घंटे सक्रिय रहते हैं.

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'शिष्टाचार' अभियान से छेड़छाड़ पर लगाम
महिलाओं के खिलाफ सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ और स्टॉकिंग की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस 'शिष्टाचार' अभियान भी चला रही है. इसके तहत संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी, जागरूकता कार्यक्रम और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था की गई है. इसका मकसद सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है.

तीन करोड़ महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण
दिल्ली पुलिस का सशक्ति कार्यक्रम भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा अभियान माना जाता है. इस कार्यक्रम के तहत अब तक तीन करोड़ से अधिक महिलाओं और लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है. दिल्ली पुलिस का दावा है कि यह अभियान दुनिया के सबसे बड़े सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग कार्यक्रमों में शामिल है और इसने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया है.

हर जिले में खुलेगा महिला थाना
स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन-1 देवेश श्रीवास्तव के अनुसार, दिल्ली पुलिस भविष्य में राजधानी के सभी 15 जिलों में महिला थाने स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रही है. इसके लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं. यदि योजना पूरी तरह लागू होती है तो महिलाओं से जुड़े मामलों की जांच और सहायता के लिए हर जिले में अलग व्यवस्था उपलब्ध होगी.

महिलाओं के लिए भरोसा
दिल्ली पुलिस का मानना है कि महिला थाना, पिंक बूथ, रानी झांसी स्क्वाड, वामिका और ऑल-वुमन पीसीआर जैसी पहलें केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य महिलाओं में भरोसा पैदा करना है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा का सही अर्थ तभी पूरा होगा, जब महिलाएं बिना डर के शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में भाग ले सकें. इसी सोच के साथ दिल्ली पुलिस महिलाओं और बच्चों के लिए एक संवेदनशील, सुलभ और भरोसेमंद पुलिसिंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है.

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