गोंडा में दहेज हत्या का मामला निकला मर्डर केस, पति और ससुर को मिली उम्रकैद की सजा

विशेष लोक अभियोजक अवनीश धर द्विवेदी ने बताया कि सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दहेज हत्या के आरोप को हत्या में बदल दिया. तमाम दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बुधवार को देव शरण पांडेय और सतीश पांडेय को हत्या का दोषी पाया.

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aajtak.in

  • गोंडा,
  • 04 जून 2025,
  • अपडेटेड 10:44 PM IST

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की एक अदालत ने बुधवार को हत्या के एक मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

गोंडा में विशेष लोक अभियोजक अवनीश धर द्विवेदी ने पीटीआई को बताया कि मामला 4 जनवरी 2020 का है, जब कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मोकलपुर निवासी अजय कुमार शुक्ला ने अपनी बहन की दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस को दी गई शिकायत में उसकी बहन के पति देव शरण पांडेय और ससुर सतीश पांडेय को नामजद किया गया था.

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स्थानीय पुलिस ने शुरू में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता), 304बी (दहेज हत्या) और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया था. जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया.

विशेष लोक अभियोजक अवनीश धर द्विवेदी ने बताया कि सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दहेज हत्या के आरोप को हत्या में बदल दिया.

रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों की गहन जांच, दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बुधवार को देव शरण पांडेय और सतीश पांडेय को हत्या का दोषी पाया.

इसके बाद न्यायाधीश ने पीड़िता के पति और ससुर को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.

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