इलाज के लिए भारत आए 43 वर्षीय मंगोलियाई नागरिक के अचानक दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके से लापता हो जाने की वजह से हड़कंप मच गया. उनको आस-पास तलाश किया गया. लेकिन काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब वह नहीं मिले तो उनकी पत्नी ने पुलिस से संपर्क किया. विदेशी नागरिक के लापता हो की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई. और आखिरकार पुलिस की तलाश पूरी हुई.
दरअसल, मंगोलिया के नागरिक ब्यांबा सुरेन 9 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11 बजे टहलने के लिए बाहर निकले थे. इसके बाद वह वापस नहीं लौटे और उनका कोई पता नहीं चल सका. बताया गया कि 9 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे उनकी पत्नी राजेंद्र नगर थाना पहुंचीं और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वह अपने पति को काफी देर से तलाश कर रही थीं, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था.
पुलिस ने शुरू की तलाश
विदेशी नागरिक के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया. इसके बाद बिना समय गंवाए पुलिस मिसिंग रिपोर्ट दर्ज की और इसके बाद पुलिस टीमों ने मंगोलियाई नागरिक की तलाश के लिए व्यवस्थित तरीके से ऑपरेशन शुरू किया. पुलिस ने सबसे पहले उन संभावित रास्तों और इलाकों की जानकारी जुटाई, जहां से वह टहलने के दौरान गुजरे हो सकते थे.
इसके बाद आसपास लगे कई CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. कैमरों की मदद से उनके मूवमेंट और संभावित रूट को एक-एक करके दोबारा तैयार किया गया. पुलिस की कोशिश थी कि यह पता लगाया जा सके कि वह आखिरी बार कहां और किस दिशा में जाते हुए दिखाई दिए थे. इसके लिए राजेंद्र नगर के साथ-साथ आसपास के इलाकों के CCTV कैमरों की फुटेज भी जांची गई.
पुलिस ने तमाम सुरागों को आपस में जोड़ते हुए उनकी संभावित लोकेशन को लगातार ट्रैक किया. कई घंटे तक चले इस अभियान के बाद पुलिस को उनकी लोकेशन के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिला. पुलिस ने लापता विदेशी नागरिक की जानकारी ZIPNET पर भी अपलोड की. इसके साथ ही उनकी तलाश के लिए Hue & Cry Notices जारी किए गए, ताकि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों की पुलिस को भी इसकी जानकारी मिल सके.
इसके अलावा WT संदेशों और कंट्रोल रूम के जरिए भी सूचना दिल्लीभर में प्रसारित की गई. इस तरह स्थानीय पुलिस टीम के साथ-साथ दूसरे संबंधित यूनिट्स को भी सर्च ऑपरेशन से जोड़ा गया. मामला विदेशी नागरिक से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने संबंधित मंगोलियाई दूतावास के साथ भी समन्वय किया. पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अपने स्तर पर जानकारी साझा की और संभावित स्थानों पर तलाश जारी रखी.
CCTV फुटेज, पुलिस नेटवर्क और सूचना के तेजी से प्रसार को एक साथ इस्तेमाल किया गया. इसी समन्वित कार्रवाई के चलते पुलिस को लापता नागरिक तक पहुंचने में सफलता मिल गई. लगातार की गई कोशिशों के बाद पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को मंगोलियाई नागरिक ब्यांबा सुरेन को किरती नगर थाना इलाके में सुरक्षित खोज निकाला.
पुलिस के मुताबिक, वह पूरी तरह सुरक्षित थे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें उनकी पत्नी से मिलाया. इस तरह कई घंटे तक चला ट्रेसिंग ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ और परिवार ने राहत की सांस ली. पुलिस ने मंगोलियाई नागरिक से बातचीत कर यह जानने की कोशिश भी की कि आखिर वह कहां और किन परिस्थितियों में लापता हुए थे.
बातचीत में सामने आया कि उनके लापता होने के पीछे कोई संदिग्ध या आपराधिक परिस्थिति नहीं थी. वह अपने ठिकाने से टहलने के लिए निकले थे, लेकिन गलती से रास्ता भटक गए. रास्ता समझ नहीं आने की वजह से वह अपने रहने की जगह वापस नहीं पहुंच सके.
CCTV बना अहम सुराग
इस पूरे ऑपरेशन में CCTV कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए सबसे अहम साबित हुई. पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर मंगोलियाई नागरिक के संभावित मूवमेंट को समझने की कोशिश की. इसके साथ ही ZIPNET, Hue & Cry Notices, WT Messages और दिल्ली के कंट्रोल रूम के जरिए सूचना का व्यापक स्तर पर प्रसार किया गया. संबंधित दूतावास के साथ समन्वय ने भी अभियान को मजबूत किया.
आखिरकार इन सभी प्रयासों का नतीजा सामने आया और 43 वर्षीय मंगोलियाई नागरिक को किरती नगर इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया गया. पुलिस ने उन्हें उनकी पत्नी के सुपुर्द किया और परिवार से उनका पुनर्मिलन कराया. इस मामले में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई, CCTV आधारित जांच और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय से विदेशी नागरिक को सुरक्षित ट्रेस करने में सफलता मिली.
हिमांशु मिश्रा