फरीदाबाद: गैंगस्टर मांगरिया के गुर्गे की अवैध सपंति पर चला बुलडोजर, अवैध मकान-दुकानें ढहाई

हरियाणा के फरीदाबाद में गैंगस्टर मांगरिया के गुर्गे जावेद की अवैध संपत्ति पर प्रशासन का बुलडोजर चला है. जिला पुलिस और नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए उसके मकान और कई दुकानों को ध्वस्त कर दिया.

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फरीदाबाद में गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई फरीदाबाद में गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई

सचिन गौड़

  • फरीदाबाद,
  • 14 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:00 PM IST

हरियाणा के फरीदाबाद में गैंगस्टर मनोज मांगरिया के गुर्गे जावेद की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला है. पुलिस और नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए जावेद की 7 दुकानों, मकान और गोदाम को जमींदोज कर दिया.

जावेद पर जमीन पर अवैध कब्जा कर संपत्ति निर्माण करने का आरोप है. 14 सितंबर को हरियाणा सरकार के आदेश पर गैंगस्टर मनोज मांगरिया के गुर्गे जावेद के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है. वह करीब 14 साल से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है.  

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जावेद अपना रौब जमाने के लिए अवैध हथियार और लाठी-डंडों से लैस होकर पास-पड़ोस और गांव के लोगों पर हमला करता था. खौफ पैदा करके वह लोगों की जमीन पर कब्जा कर लेता था. बाद में वहां दुकानें बनाकर किराया वसूल करता था.

पहले ही चिह्नित कर ली थी जावेद की अवैध दुकानें 

जावेद ने आपराधिक गतिविधियों के जरिये अवैध तरीके से कई संपत्तियां बनाई थीं. फरीदाबाद पुलिस ने पहले ही आरोपी जावेद की अवैध दुकानों को चिह्नित कर लिया था. भारी फोर्स की मौजूदगी में पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने चिह्नित दुकानों को जमींदोज कर दिया.

जावेद के खिलाफ सूरजकुंड थाने में जान से मारने, अवैध हथियार रखने और लाठी डंडों से हमला करने के 11 मुकदमें दर्ज हैं. सभी मामलों की कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

गैंगस्टर मनोज मांगरिया के खिलाफ 17 केस दर्ज
अंबाला के सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर मनोज मांगरिया कुख्यात बदमाश है. उसके खिलाफ फरीदाबाद में संगीन धाराओं के तहत हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने और गैंग बनाकर हथियारों से लैस होकर मारपीट करने के 17 मामले दर्ज हैं.

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मनोज पर 5 लाख का इनाम था. उसे फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने साल 2021 में गिरफ्तार किया था. फरीदाबाद पुलिस ऐसे लोगों को चिह्नित कर रही है, जिन्होंने नशे के कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिये संपत्ति बनाई है. अवैध रूप से अर्जित पैसों से बनाए गए मकानों और दुकानों को भी चिह्नित किया जा रहा है.  

 

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