जोधपुरः पहले विदेशी बनकर फेसबुक पर दोस्ती, फिर ऐसे करते थे ऑनलाइन ठगी

जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के 12 सेक्टर निवासी रितेश जैन की पत्नी आकांक्षा जैन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मार्को नामक व्यक्ति ने खुद को यूके का रहने वाला बताया और फेसबुक पर उसके साथ दोस्ती कर ली. फिर उसने महिला से कहा कि उसे अपना कुछ सामान भारत भेजना है.

Advertisement
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया

अशोक शर्मा

  • जोधपुर,
  • 10 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST
  • मार्को बनकर फेसबुक पर की थी दोस्ती
  • पार्सल भेजने के नाम पर फंसाया
  • कई खातों में डलवाए लाखों रुपये

राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है. जोधपुर पुलिस ने मुंबई में छापेमारी कर इस गिरोह की 2 महिलाओं समेत चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. इन्होंने जोधपुर में बड़ी ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया था. 

मामला जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र का है. इस गिरोह ने 16 लाख 26 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की थी. एसआई हिंगलाज दान चारण ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में एडीसीपी उमेश ओझा और एसीपी नीरज शर्मा के सुपरविजन में तकनीकी सहायता से 2 महिलाओं सहित चार अभियुक्तों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है. 

Advertisement

दरअसल, बीती 6 सितंबर को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के 12 सेक्टर निवासी रितेश जैन की पत्नी आकांक्षा जैन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मार्को नामक व्यक्ति ने खुद को यूके का रहने वाला बताया और फेसबुक पर उसके साथ दोस्ती कर ली. फिर उसने महिला से कहा कि उसे अपना कुछ सामान भारत भेजना है. इसी के चलते 31 जुलाई को एक महिला ने आकांक्षा को कॉल किया. 

देखें: आजतक LIVE TV

कॉल करने वाली महिला ने आकांक्षा को बताया कि उसके लिए कुछ सामान आया है. फिर महिला ने उससे कस्टम क्लीयरेंस के लिए 55 हजार रुपये मांगे. आकांक्षा ने ऑनलाइन पैसे अदा कर दिए. अगले दिन फिर उसी नंबर से आकांक्षा के पास कॉल आई. उधर से महिला ने कहा कि पार्सल में 30 हजार पाउंड हैं, जिसे भेजने का तरीका गैरकानूनी है. महिला ने आकांक्षा को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी.

Advertisement

फिर आरबीआई के नाम से ईमेल भेजकर आकांक्षा पर मानसिक दबाव बनाया. और विभिन्न भारतीय बैंकों खातों में आकांक्षा से 16 लाख, 26 हजार रुपये की रकम डलवा ली. मानसिक दबाव और कानूनी कार्रवाई के डर से आकांक्षा ने ये पैसा उन्हें दिया. लेकिन कुछ दिन बाद आकांक्षा को अहसास हो गया कि उसके साथ ठगी हो गई है. तब जाकर उन्होंने 6 दिसंबर को पुलिस के पास मामला दर्ज कराया.

एसआई हिंगलाज दान ने बताया कि तभी से साइबर क्राइम यूनिट इस केस की छानबीन कर रही थी. एसीपी लादूराम, उपनिरीक्षक दिनेश डांगी, हेड कांस्टेबल कान सिंह की टीम ने सर्विलांस के जरिए आरोपियों को ट्रेस कर लिया. इसके बाद पुलिस की विशेष टीम मुंबई गई और मुंबई से गणेश, जितेंद्र, शिफा और शाहीन को गिरफ्तार कर लिया.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »