यूपीः मौलानाओं ने कबूला- लालच देकर करवाते थे धर्मांतरण, जांच में आईं चौंकाने वालीं बातें

यूपी के नोएडा में पकड़ाए धर्मांतरण रैकेट केस में गिरफ्तार मौलानाओं ने लालच देकर धर्मांतरण कराने की बात कबूल की है. साथ ही एटीएस को जांच में विदेशी फंडिंग के पक्के सबूत भी मिले हैं. एटीएस को ये भी पता चला है कि धर्मांतरण कराकर बच्चों को विदेश भी भेजा जाता था.

Advertisement
मौलाना उमर गौतम (फाइल फोटो) मौलाना उमर गौतम (फाइल फोटो)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 24 जून 2021,
  • अपडेटेड 12:40 AM IST
  • धर्मांतरण रैकेट केस में कई खुलासे
  • यूपी में 122 लोगों का बदला धर्म

यूपी के नोएडा में पकड़ाए धर्मांतरण रैकेट केस में गिरफ्तार मौलानाओं ने पूछताछ में कई राज उगल दिए हैं. इस मामले में गिरफ्तार इस्लामिक दावा सेंटर के मौलानाओं ने कबूला है कि उन्होंने लालच देकर लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया. साथ ही एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) को जांच में ये भी पता चला है कि ये लोग धर्म परिवर्तन कराकर कुछ बच्चों को विदेश भी भेज देते थे.

Advertisement

धर्मांतरण रैकेट केस में एटीएस ने मोहम्मद उमर गौतम और मौलाना मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी को गिरफ्तार किया गया है. उमर गौतम ने दिल्ली के जामिया नगर में इस्लामिक दावा सेंटर (आईडीसी) नाम से एक ऑफिस भी खोल रखा था और यहीं से धर्मांतरण का ये सारा खेल खेला जाता था.

जानकारी के मुताबिक, धर्म परिवर्तन कराने वाले उमर गौतम और जहांगीर कासमी को रिमांड को लेकर जब एटीएस ने पूछताछ की तो इन्होंने लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की बात कबूल की है. इन्होंने ये भी कबूला कि अकेले यूपी में ही 122 से ज्यादा लोगों को मुस्लिम में कन्वर्ट कर दिया गया, जबकि 400 से ज्यादा के ऊपर के लोगों की पहचान की गई थी, जिनका धर्म परिवर्तन कराने की तैयारी चल रही थी.

यूपी के धर्मांतरण रैकेट मामले में कई बड़े खुलासे, विदेशी फंडिंग से ISI कनेक्शन तक, जानिए सब

Advertisement

यूपी के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि जिन 122 लोगों का धर्मांतरण कराया गया है, इंटेलिजेंस उनकी रिपोर्ट तैयार कर रही है और उनकी डिटेल खंगाल रही है. उन्होंने ये भी बताया कि एटीएस को 1 हजार से ज्यादा लोगों का धर्मांतरण कराने की जानकारी मिली है. इसके लिए दूसरे राज्यों की पुलिस से भी जानकारी साझा की जा रही है और उनकी मदद भी ली जा रही है. उन्होंने ये भी कहा कि जांच में विदेशी फंडिंग के भी पक्के सबूत मिले हैं.

अवनीश अवस्थी ने बताया कि जांच में पता चला है कि नोएडा डेफ सोसायटी, इस्लामिक दावा सेंटर से जुड़ी हुई थी और धर्मांतरण के लिए डेफ सोसायटी को अच्छी-खासी रकम भी मिल रही थी. उन्होंने बताया कि नोएडा डेफ सोसायटी की नींव 15 जून 2005 को रखी गई थी और 15 जून को इसकी 16वीं वर्षगांठ पर एक शानदार पार्टी आयोजित की गई थी.

इस पार्टी में कौन-कौन लोग शामिल हुए थे, इस बात का पता लगाया जा रहा है. साथ ही ये भी पता चला है कि दूसरे देशों के लोग भी इस संस्था से जुड़े हुए थे. ये भी सामने आया है कि इस्लामिक दावा सेंटर विदेशों में जाकर भी धर्मांतरण करवाती थी. इतना ही नहीं, कई बच्चों को धर्मांतरण कर विदेश भेजे जाने की आशंका है.

Advertisement

खुद हिन्दू से मुस्लिम बना है उमर गौतम, धर्मांतरण के लिए मूक बधिर, कमजोर वर्ग के लोगों को करता था टारगेट

वहीं, नोएडा डेफ सोसायटी की प्रबंधन रोमा का कहना है कि एटीएस ने उससे 30 घंटे से ज्यादा देर तक पूछताछ की. उसका कहना है कि उसका मौलानाओं से न तो कोई संबंध है और न ही कभी उसकी मुलाकात हुई है. उसका दावा है कि बच्चों से कई लोग मिलने आते थे और संस्था उसमें दखल नहीं देती थी.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »