दवा कारोबारी का बेटा, लेडी जिम ट्रेनर और करोड़ों की जायदाद... आयुष मलिक से मोहम्मद अली बनने की कहानी

करोड़पति दवा कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण का मामला सुर्खियों में है. परिवार का आरोप है कि फिजियोथैरेपिस्ट और जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल, दबाव और ब्लैकमेलिंग के जरिए आयुष का धर्म परिवर्तन कराया. पुलिस ने केस दर्ज कर मुख्य आरोपी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है.

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यूपी के शामली में फिजियोथैरेपी से शुरू हुई दोस्ती, धर्मांतरण और निकाह तक पहुंचा मामला. (Photo: ITG) यूपी के शामली में फिजियोथैरेपी से शुरू हुई दोस्ती, धर्मांतरण और निकाह तक पहुंचा मामला. (Photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • शामली,
  • 07 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:21 PM IST

एक मेडिकल शॉप से शुरू हुई दोस्ती, अस्पताल में हुई मुलाकात, जिम में बढ़ती नजदीकियां, प्रेम संबंध, धर्म परिवर्तन के आरोप, करोड़ों की संपत्ति और फिर पुलिसिया कार्रवाई. उत्तर प्रदेश के शामली में सामने आया आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस इसे साजिश बताकर जांच कर रही है, जबकि परिवार का आरोप करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे से जुड़ा है.

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कहानी की शुरुआत शामली के दयानंद नगर से होती है. यहां रहने वाले देवराज मलिक इलाके के बड़े दवा कारोबारियों में गिने जाते हैं. उनके बेटे आयुष मलिक ने बी-फार्मा की पढ़ाई की थी. वो अपने पिता की मेडिकल शॉप संभालता था. इस पर चांदनी कुरैशी का भाई आस मोहम्मद उर्फ आसू काम करता था. आरोप है कि आस मोहम्मद को परिवार की आर्थिक स्थिति और करोड़ों की संपत्ति की पूरी जानकारी थी.

साल 2018 में आयुष मलिक के पैर में फ्रैक्चर हो गया. इलाज के लिए उसे शामली के सृष्टि अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहीं उसकी मुलाकात चांदनी कुरैशी से हुई. चांदनी पेशे से फिजियोथैरेपिस्ट और जिम ट्रेनर बताई जाती है. आरोप है कि फिजियोथैरेपी के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ने लगीं. परिवार का दावा है कि चांदनी ने आयुष को अपने प्रेम जाल में फंसाया. 

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अस्पताल से शुरू हुआ संबंध आगे बढ़ता गया. आयुष उस जिम में भी जाने लगा जहां चांदनी ट्रेनर थी. इस दौरान आयुष पूरी तरह चांदनी के प्रभाव में आ गया. इसके बाद धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हुई. चांदनी कुरैशी आयुष को पाकिस्तान के मौलाना इसरार अहमद के वीडियो देखने के लिए कहती थी. वो नियमित रूप से वीडियो देखने लगा. धार्मिक विचारों और संपर्क के जरिए उसकी सोच में बदलाव लाया गया.

आरोप है कि साल 2023 में चांदनी और उसके परिवार के लोग आयुष को दिल्ली लेकर गए. परिवार का दावा है कि दिल्ली में उसका धर्म परिवर्तन कराया गया. उसकी नई पहचान मोहम्मद अली के रूप में बनाई गई. यही नहीं यह भी आरोप लगाया गया कि दिल्ली में एक मौलवी ने चांदनी और आयुष उर्फ मोहम्मद का निकाह भी कराया था. हालांकि पुलिस जांच में अब तक कोई वैध निकाहनामा बरामद नहीं हुआ है.

जब देवराज मलिक को यह जानकारी मिली कि उनका बेटा अब पूरी तरह मुस्लिम पहचान अपना चुका है, तब परिवार में हड़कंप मच गया. परिवार का आरोप है कि पूरा मकसद करोड़ों रुपए की संपत्ति पर कब्जा करना था. इसके बाद देवराज मलिक ने पुलिस से संपर्क किया. उनकी शिकायत के आधार पर चांदनी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली शामली में मुकदमा संख्या 241/26 दर्ज किया गया. 

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भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 61(2), 308(5), 351(3) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम की धारा 3/5(1) लगाई गई. एफआईआर के अनुसार, चांदनी कुरैशी, राहिल कुरैशी, सुमाईला कुरैशी, राबिया कुरैशी, आस मोहम्मद उर्फ आसू कुरैशी, हुमा कुरैशी, इस्लाम कुरैशी, सलीम उर्फ भोला और मुनव्वर नामक मौलवी समेत कई लोगों पर आरोप लगाए गए हैं. 

शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने साजिश के तहत आयुष मलिक को अपने प्रभाव में लेकर उसका धर्म परिवर्तन कराया. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि चार साल पुराना एक कथित फर्जी निकाहनामा दिखाकर उन पर अनुचित मांगें मानी जाने का दबाव बनाया गया. इतना ही नहीं, विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं. कुछ अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका का भी जिक्र है.

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शामली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी. पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर गठित टीम ने मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया. दोनों आजाद चौक, काजीवाड़ा, कादियान मस्जिद के सामने स्थित इलाके के रहने वाले हैं. पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं.

पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान यह सामने आया कि आयुष मलिक की जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया था. अधिकारियों के मुताबिक वह लंबी दाढ़ी रखने लगा था, पांच वक्त नमाज पढ़ता था और छोटा पायजामा पहनने लगा था. पुलिस का कहना है कि फिलहाल आयुष अपने परिवार के साथ है और उसे हिंदू धर्म गुरुओं से भी मिलवाया जा रहा है. पुलिस आरोपों की जांच में जुटी हुई है.

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पुलिस का कहना है कि दो मौलानाओं की तलाश भी की जा रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन, निकाह और संपत्ति से जुड़े आरोपों में कौन-कौन लोग शामिल थे. उनकी भूमिका क्या थी. फिलहाल शामली का यह मामला प्रेम संबंध, धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग, संपत्ति विवाद और संगठित साजिश के आरोपों के चलते पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में औकई अहम खुलासे हो सकते हैं.

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