सोचिए, दुकान पर पेमेंट करना है, लेकिन फोन में मोबाइल इंटरनेट नहीं है. ऊपर से UPI ऐप खोलने, QR स्कैन करने और फिर PIN डालने का झंझट भी नहीं. अब ऐसे मौके पर भी पेमेंट करना आसान हो सकता है. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को और आसान बनाने के लिए दो नए फीचर पेश किए हैं- UPI Tap and Pay और MyUPI.
इनमें से Tap and Pay के जरिए NFC (नियर-फील्ड कम्युनिकेशन) वाले फोन को POS मशीन पर टैप करके पेमेंट किया जा सकेगा, जबकि MyUPI का मकसद UPI से जुड़ी जानकारी और कस्टमर सपोर्ट को एक जगह लाना है.
फोन टैप करो और पेमेंट हो जाएगा
NPCI ने 10 सितंबर को UPI में 'Tap and Pay' फीचर पेश किया. इसका इस्तेमाल करने के लिए NFC सपोर्ट वाला स्मार्टफोन चाहिए. यूजर को फोन अनलॉक करके कंपैटिबल POS टर्मिनल पर फोन टैप करना होगा. खास बात यह है कि इस पेमेंट के लिए फोन में मोबाइल इंटरनेट होना जरूरी नहीं होगा. ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने के लिए POS मशीन का इंटरनेट कनेक्शन इस्तेमाल होगा.
यानी अगर दुकान पर खड़े हैं और आपके फोन में डेटा नहीं चल रहा, तब भी पेमेंट रुकेगा नहीं. हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि UPI अब हर जगह बिना इंटरनेट के चलने लगेगा. Tap and Pay के लिए फोन में NFC और सामने वाले POS टर्मिनल में जरूरी सपोर्ट होना चाहिए. POS मशीन इंटरनेट से कनेक्टेड होगी, तभी यह पेमेंट पूरा हो सकेगा.
बिना पिन डाले ₹5,000 तक पेमेंट
Tap and Pay की एक और खास बात छोटी पेमेंट को लेकर है. ₹5,000 तक की पेमेंट बिना UPI PIN के की जा सकेगी. इससे छोटे-मोटे स्टोर पेमेंट में समय बचेगा और बार-बार PIN डालने की जरूरत कम होगी. अगर पेमेंट ₹5,000 से ज्यादा है तो UPI PIN डालना जरूरी होगा. यह सुविधा UPI से जुड़े कई तरह के अकाउंट को सपोर्ट करेगी. इसमें UPI से जुड़े RuPay क्रेडिट कार्ड भी शामिल हैं. यानी रोजमर्रा की छोटी खरीदारी में अनुभव कुछ हद तक कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट जैसा हो सकता है- फोन निकाला, अनलॉक किया, POS पर टैप किया और पेमेंट हो गया.
MyUPI क्या करेगा?
NPCI ने Tap and Pay के साथ MyUPI फीचर भी पेश किया गया है. यह AI बेस्ड कस्टमर सपोर्ट प्लेटफॉर्म है. इसे NPCI के FiMI Small Language Model पर तैयार किया गया है. इसका मकसद UPI से जुड़ी अलग-अलग जानकारियों को एक जगह उपलब्ध कराना है. अभी किसी ट्रांजैक्शन या AutoPay Mandate की जानकारी के लिए अलग-अलग बैंक या UPI ऐप देखने पड़ सकते हैं. MyUPI इस प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश करेगा. इसमें यूजर को UPI ट्रांजैक्शन और AutoPay Mandate से जुड़ी जानकारी एक जगह मिल सकेगी. यानी बार-बार अलग-अलग ऐप खोलने की जरूरत कम हो सकती है.
पेमेंट से पहले ज्यादा जानकारी मिलेगी
MyUPI सिर्फ जानकारी दिखाने तक सीमित नहीं रहेगा. पेमेंट पूरा करने से पहले यह बेनेफिशियरी से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी उपलब्ध कराएगा. इससे यूजर को पैसे भेजने से पहले सामने वाले के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकेगी और गलत पेमेंट का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है. एलिजिबल ट्रांजैक्शन में ऑटोमेटेड चार्जबैक प्रोसेसिंग का सपोर्ट भी मिलेगा. इसके अलावा ट्रांजैक्शन रिप्ले की सुविधा से किसी पुराने ट्रांजैक्शन को दोबारा किया जा सकेगा.
UPI में सुरक्षा के लिए भी नए कंट्रोल
नए अपडेट में सिर्फ सुविधा पर ही जोर नहीं है, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी कुछ नए फीचर जोड़े गए हैं. Safety Switch की मदद से यूजर संदिग्ध UPI डेबिट ट्रांजैक्शन को रिजेक्ट करने की रिक्वेस्ट दे सकेंगे. अगर किसी को लगता है कि उसके अकाउंट से छेड़छाड़ हुई है, तो यह कंट्रोल काम आ सकता है. वहीं UPI Number Delink के जरिए मोबाइल नंबर से UPI पेमेंट हासिल करने की सुविधा बंद की जा सकेगी. इससे यूजर को अपने UPI इस्तेमाल पर ज्यादा कंट्रोल मिलने की उम्मीद है.
NPCI के मुताबिक, MyUPI एक तरह की ट्रस्ट और कंट्रोल लेयर के तौर पर काम करेगा. इसमें 24x7 मल्टीलिंगुअल मदद और सेल्फ-सर्विस ऑप्शन उपलब्ध कराने की योजना है. यानी अगर UPI से जुड़ी किसी जानकारी या समस्या को लेकर यूजर को मदद चाहिए, तो उसे हर छोटी बात के लिए बैंक या ऐप के कस्टमर केयर तक पहुंचने की जरूरत कम हो सकती है.
आजतक बिजनेस डेस्क