सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल पंपों से अब इन ग्राहकों को नहीं मिलेगा Petrol-Diesel

Petrol-Diesel की बिक्री को लेकर सरकार ने एक आदेश जारी कर कुछ ग्राहकों को तेल खरीद से रोक दिया है. ये पाबंदियां 90 दिन के लिए लागू की गई हैं.

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पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सरकार का बड़ा फैसला. (Photo: ITG) पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सरकार का बड़ा फैसला. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:48 AM IST

मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने देश के पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में इंडस्ट्रियल पेट्रोल और डीजल की खरीद पर शिकंजा कसा है. एक सरकारी आदेश के मुताबिक, इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल यूजर्स को पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल खरीदने से रोक दिया गया है और उनसे अपनी जरूरतें बल्क सेल पॉइंट (थोक बिक्री केंद्रों) से पूरी करने को कहा है.

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90 दिनों तक जारी रहेगा पाबंदी
सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल की पेट्रोल पंपों से बल्क खरीद पर लगाई गईं ये पाबंदियां 90 दिनों तक लागू रहेंगी, हालांकि, सरकार के नए आदेश से इसे बढ़ाया भी जा सकता है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम कुछ इलाकों में डीजल की डिमांड में असामान्य बढ़ोतरी देखे जाने के बाद उठाया गया है, क्योंकि कीमत में अंतर के कारण बल्क यूजर्स ने पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदना शुरू कर दिया था.

डीजल की कीमत में यह अंतर इसलिए आया, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों ने आम ग्राहकों को फरवरी के आखिर में मिडिल ईस्ट संकट के बाद आई लागत में बढ़ोतरी से बचाने के लिए रिटेल कीमतों को नियंत्रित रखा. जहां टेलीकॉम टावर और बिजली उत्पादन व अन्य जरूरतों के लिए डीजल का इस्तेमाल करने वाली इंडस्ट्रीज जैसे बल्क यूज़र्स से मार्केट प्राइस वसूला जाता है, वहीं रिटेल पंप की दरें लागत से काफी कम हैं.

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सरकार ने बताया- क्यों जरूरी ऐसा करना
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून को 'मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल (रिटेल आउटलेट के जरिए सप्लाई का अस्थायी नियमन) आदेश, 2026' जारी किया है. इसमें पेट्रोल-डीजल रिटेलर्स और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को निर्देशित किया गया है कि वे 90 दिनों तक की अवधि के लिए रिटेल आउटलेट्स से बल्क खरीद पर रोक लगाएं.

सरकार ने कहा कि यह कदम दुनिया के कुछ हिस्सों को प्रभावित करने वाली मौजूदा जियोपॉलिटिकल स्थिति के कारण जरूरी हो गया था, जिसने वैश्विक तेल सप्लाई चेन, शिपिंग लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की उपलब्धता पर बुरा असर डाला है.

सरकार ने कहा कि रिटेल स्टेशनों के ज़रिए बड़ी मात्रा में खरीद से आम उपभोक्ताओं के लिए तय सप्लाई दूसरी जगह जा सकती है और इससे स्थानीय स्तर पर कमी देखने को मिल सकती है, जिससे आम आदमी के लिए जरूरी सेवाओं में रुकावट आ सकती है.

200 लीटर प्रति दिन की लिमिट
आदेश में कहा गया है कि मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच मौजूदा स्थिति में देखा गया है कि देश के कुछ हिस्सों में रिटेल आउटलेट्स के जरिए तेल की बिक्री में तेज उछाल आया है.

इसकी बड़ी वजह इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल कंज्यूमर्स रिटेल और बल्क बिक्री की कीमतों में अंतर के कारण रिटेल आउटलेट्स से खरीद कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने रिटेल फ्यूल स्टेशनों से तेल खरीद करने से रोकते हुए, इसके बजाय अपने खुद के कंज्यूमर पंपों के जरिए सप्लाई लेनी होगी.

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नोटिफिकेशन में रिटेल आउटलेट्स पर डीजल की बिक्री को वाहनों के फ्यूल टैंक या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) से मंजूर कंटेनरों तक सीमित कर दिया गया है, जिसमें प्रति ग्राहक या प्रति वाहन प्रतिदिन 200 लीटर की खरीद की लिमिट तय की गई है. 

पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी पर लगाम
Modi Govt का ये आदेश देश में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी के मद्देनजर दिया गया है. सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि इन उपायों का मकसद पेट्रोल और डीजल की समान उपलब्धता सुनिश्चित करना, जमाखोरी और सप्लाई को दूसरी जगह भेजने पर लगाम लगाने के साथ ही पूरे देश में बिना रुकावट सप्लाई बनाए रखना है.

सरकारी नोटिफिकेशन में ये भी कहा गया है कि किसी भी नियम का उल्लंघन करने पर 'जरूरी वस्तु अधिनियम' के नियमों के तहत सजा का भी प्रावधान है. 

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