ये कैसा संकट? सोना हुआ महंगा तो गिरवी रखकर लोन लेने लगे लोग, मई में डबल हुआ आंकड़ा

Gold Loan Data: फरवरी से अप्रैल 2026  दौरान गोल्ड की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला, जिससे समान मात्रा के सोने पर पहले की तुलना में ज्यादा कर्ज मिलना शुरू हो गया.

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गोल्ड लोन लेने वालों की संख्या में इजाफा. (Photo: ITG) गोल्ड लोन लेने वालों की संख्या में इजाफा. (Photo: ITG)

आदित्य के. राणा

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:57 PM IST

भारत में सोना निवेश या गहनों तक सीमित नहीं रह गया है, अब यह जरूरत पड़ने पर तुरंत फंड जुटाने का बड़ा जरिया भी बनता जा रहा है. यही वजह है कि रिजर्व बैंक (RBI) की लगातार चेतावनियों के बावजूद देश में गोल्ड लोन (Gold Laon) का बाजार रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ रहा है.

RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 तक सोने के गहने गिरवी रखकर लिए गए कर्ज में सालाना आधार पर 105 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस दौरान बैंकों के दिए गए बकाया गोल्ड लोन का आकार बढ़कर करीब 5.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

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सोने की कीमतों ने बढ़ाई कर्ज लेने की क्षमता
गोल्ड लोन में इस तेज बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी मानी जा रही है. फरवरी से अप्रैल 2026  दौरान गोल्ड की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला, जिससे समान मात्रा के सोने पर पहले की तुलना में ज्यादा कर्ज मिलना शुरू हो गया.

बैंकिंग सेक्टर का मानना है कि गोल्ड लोन का मॉडल कर्जदाता और ग्राहक दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है. बढ़ती कीमतों की वजह से गोल्ड लोन पोर्टफोलियो लगातार विस्तार कर रहा है और आने वाले समय में भी इसकी रफ्तार बनी रह सकती है.

दक्षिण भारत से निकलकर देशभर में फैला ट्रेंड
बैंकर्स के मुताबिक पहले गोल्ड लोन का चलन मुख्य रूप से दक्षिण भारत तक सीमित था, लेकिन अब यह पूरे देश में तेजी से फैल चुका है. उनके अनुसार, मध्यम वर्ग के लिए अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर गोल्ड लोन एक आसान और तेज विकल्प बन गया है. इससे लोगों को ऊंची ब्याज दर वसूलने वाले साहूकारों और गैर-औपचारिक कर्जदाताओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ता.

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तीन साल में दोगुना हुई औसत लोन की रकम
गोल्ड लोन का आकार संख्या के साथ साथ टिकट साइज के लिहाज से भी तेजी से बढ़ा है. RBI के आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में गोल्ड लोन का औसत टिकट साइज बढ़कर 1.96 लाख रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले के मुकाबले 39 फीसदी ज्यादा है.

अगर तीन साल पीछे जाएं तो 2022-23 में औसत गोल्ड लोन टिकट साइज महज 98,000 रुपये था यानी महज तीन साल में औसत लोन की रकम लगभग दोगुनी हो गई है.

सोने से ज्यादा तेजी से बढ़ा गोल्ड लोन

मार्च 2024 से मार्च 2026 के बीच गोल्ड प्राइस इंडेक्स में करीब 144 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि इसी अवधि में गोल्ड लोन की रकम 200 फीसदी से ज्यादा बढ़ी. इससे साफ है कि सोने की कीमतें ही नहीं बढ़ीं, लोगों का गोल्ड लोन की तरफ रुझान भी तेजी से बढ़ा है.

बैंकर्स का कहना है कि अब छोटे और मझोले कारोबारी भी वर्किंग कैपिटल और कारोबार की जरूरतों के लिए सोना गिरवी रखकर कर्ज ले रहे हैं.

RBI ने क्यों दी चेतावनी?

हाल ही में जारी RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में गोल्ड लोन की तेज बढ़ोतरी को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. केंद्रीय बैंक का कहना है कि अगर भविष्य में सोने की कीमतों में लंबी अवधि तक गिरावट आती है तो गिरवी रखे गए सोने की वैल्यू घट सकती है. ऐसी स्थिति में बैंकों के लिए जोखिम बढ़ सकता है और कर्ज नहीं चुकाने की आशंका भी बढ़ सकती है. यही वजह है कि RBI लगातार गोल्ड लोन पोर्टफोलियो की गुणवत्ता और जोखिम प्रबंधन पर नजर बनाए हुए है.

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