केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और अलाउंस में बदलाव को लेकर आठवां केंद्रीय वेतन आयोग कल यानी 18 मई से अब दूसरे राज्यों में बैठक शुरू करने जा रहा है. इस बैठक से पहले आयोग से कर्मचारी संघों ने अपनी मांग रखी है, जिसपर इस बैठक में चर्चा हो सकती है.
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोग की टीम 18 और 19 मई को हैदराबाद के दौरे पर रहेगी. इस दो दिवसीय दौरे के दौरान आयोग अलग-अलग केंद्रीय सरकारी संगठनों, संस्थानों, कर्मचारी यूनियनों और पेंशनर्स एसोसिएशनों के साथ मुलाकात करेगा और उनकी बातों को सुनेगा.
इन जगहों पर बैठक
तेलंगाना के बाद आठवां वेतन आयोग देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगा. इस आयोग ने साफ किया है कि इसके बाद विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर, 1 से 4 जून) और लेह (लद्दाख, 8 जून) में भी इसी तरह की बैठकें होंगी.
18 महीने बाद रिपोर्ट
आयोग को 18 महीने में रिपोर्ट सौंपनी है, जिस कारण यह अलग-अलग राज्यों में बैठकें कर रहा है. फाइनल रिपोर्ट पेश करने के बाद सरकार इसपर फैसला लेगी कि कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी.
बेसिक सैलरी की मांग
कर्मचारी संगठनों की तरफ से मिनिमम बेसिक पे को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग की गई है. साथ ही फिटमेंट फैक्टर को 3.83 गुना करने की बात कर रहे हैं. पुरानी पेंशन योजना शुरू करने की भी मांग की जा रही है. इसके अलावा, कर्मचारी डीए मर्जर की भी मांग कर रहे हैं.
क्यों खास है ये बैठक?
हैदराबाद की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स को इस बैठक पर नजर है और ग्राउंड स्तर पर कर्मचारियों की मुलाकात सीधे तौर पर आयोग से होगी और वे अपनी मांग रख पाएंगे.