कर्मचारियों की सुविधा के लिए ईपीएफओ समय-समय पर कई बदलाव करता है. पिछले कुछ समय से ईपीएफओ ने कई ऐसे बदलाव किए हैं, जिसने कर्मचारियों के पीएफ विड्रॉल को आसान बनाया है. इस बीच, सरकार EPS-95 के तहत मिनिमम पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये करने का विचार कर रही है.
EPF सदस्य अपने बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत प्रोविडेंड फंड में योगदान करते हैं और नियोक्ता भी उतना ही योगदान करते हैं. नियोक्ता के हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा किया जाता है, जबकि 3.67 प्रतिशत ईपीएफ योजना में जाता है.
बजट 2025 से पहले, EPS-95 के रिटायर कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर दबाव बनाया. उनकी मांग थी कि उन्हें न्यूनतम 7,500 रुपये प्रति माह पेंशन के साथ-साथ महंगाई भत्ता (डीए) भी दिया जाए.
ईपीएस-95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति ने बताया कि वित्त मंत्री ने उनसे कहा कि इस मांग पर विचार किया जाएगा. आइए जानते हैं आपको ईपीएफओ के तहत मौजूदा फॉर्मूले पर कितनी सैलरी मिलेगी.
आपको मिलने वाली मंथली पेंशन अमाउंट आपके पेंशन योग्य सैलरी और सर्विस पीरियड पर डिपेंड करता है. इस फार्मूले में एवरेज बेसिक सैलरी और 12 महीने के महंगाई भत्ते का एवरेज है.
हालांकि एक नियम और भी जानना जरूरी है. अगर आपका कंट्रीब्यूशन 15,000 रुपये की मौजूदा वेतन सीमा के अंदर है, तो भले ही किसी कर्मचारी का बेसिक पे और महंगाई भत्ता ज्यादा हो, पेंशन का कैलकुलेशन 15,000 रुपये पर ही किया जाएगा.
आपकी मासिक पेंशन कितनी होगी?
पेंशन योग्य वेतन X पेंशन योग्य सेवा/70 = (15,000x12)/70 = लगभग 2571.42 रुपये होगा. इसी तरह, 20 साल की सेवा पर पेंशन की बात करें तो यह अमाउंट 4285 रुपये होगा. इसी आधार पर, आप बाकी पेंशन का भी कैलकुलेशन कर सकते हैं.