अगर आप बिना रिस्क निवेश करके सालाना एक अच्छी इनकम पाना चाहते हैं तो आपको पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम बेस्ट हो सकती है, क्योंकि इसमें आपको एक मोटा इनकम मिल सकता है. साथ ही टैक्स का भी लाभ मिलेगा.
सरकार हर तिमाही में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है. अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए, सरकार ने मार्च 2026 में हुई अपनी तिमाही समीक्षा बैठक में किसी भी छोटी बचत योजना, जिसमें सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) भी शामिल है, की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है. इसके तहत अभी 8.2 फीसदी का ब्याज मिलता है.
यह योजना 5 साल के लिए है और इसे 3 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है. इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है. ऐसे में अगर कोई सीनियर सिटीजन ऐसा करता है तो तो योजना से उन्हें तिमाही आधार पर 61,500 रुपये का ब्याज मिलेगा.
SCSS हर तिमाही में ब्याज देता है, इसलिए निवेशक को यह राशि साल में चार बार मिलेगी. इसका मतलब है कि एक साल में कुल अर्जित ब्याज 2,46,000 रुपये होगा. SCSS की मैच्योरिटी पांच साल है, इसलिए खाता अवधि न बढ़ाने पर भी वे पांच साल तक इनकम ले सकते हैं.
इस योजना में न्यूनतम जमा राशि 1,000 रुपये है और किसी व्यक्ति द्वारा खोले गए सभी एससीएसएस खातों में अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये है. पति-पत्नी दोनों एक खाता खोल सकते हैं और एक-दूसरे के साथ संयुक्त खाते भी खोल सकते हैं, जिनमें हर खाते में अधिकतम 30 लाख रुपये तक की जमा राशि हो सकती है.
अगर एससीएसएस खाते में अतिरिक्त जमा राशि जमा की जाती है, तो डिपॉजिटर्स को रिटर्न अमाउंट मिलेगा और डाकघर बचत खाते पर लागू ब्याज दर एक्स्ट्रा डिपॉजिट की डेट से वापसी की डेट तक मान्य रहेगी.
हालांकि अर्जित ब्याज पूरी तरह से टैक्स के तहत होगी, सीनियर सिटीजन इनकम अधिनियम की धारा 80TTB के तहत 50,000 रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं.