टियर-2 शहरों का बढ़ता दबदबा, लखनऊ बना प्रॉपर्टी का नया हॉटस्पॉट

लखनऊ अब सिर्फ एक ऐतिहासिक शहर नहीं, बल्कि आधुनिक और प्रीमियम जीवनशैली चाहने वालों के लिए देश का सबसे पसंदीदा रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है.

Advertisement
महानगरों को पछाड़ लखनऊ बना देश का नंबर-1 हाउसिंग हॉटस्पॉट (Photo-ITG) महानगरों को पछाड़ लखनऊ बना देश का नंबर-1 हाउसिंग हॉटस्पॉट (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में इस समय एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे पारंपरिक महानगरों से इतर, अब देश के टियर-2 शहर रियल एस्टेट के नए केंद्र बनकर उभरे हैं. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार के नए अवसरों और बड़े व प्रीमियम घरों की चाहत ने निवेशकों और खरीदारों का रुख इन शहरों की तरफ मोड़ दिया है.

Advertisement

इस बदलाव में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक प्रमुख अगुआ बनकर उभरा है. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) की हालिया रिपोर्ट और उद्योग जगत के दिग्गजों का भरोसा इसी उभरते ट्रेंड की तस्दीक करता है.

क्रिसिल की 'हाउसिंग हॉटस्पॉट्स' रिपोर्ट के अनुसार, बुनियादी ढांचे  के विकास, शहरीकरण और रोजगार के बढ़ते अवसरों के चलते भारत के टियर-2 शहर तेजी से देश के अगले आवासीय रियल एस्टेट हॉटस्पॉट के रूप में स्थापित हो रहे हैं. हालांकि, कुछ बाजारों में बढ़ती संपत्ति की कीमतों और अफोर्डेबिलिटी के दबाव के कारण भविष्य में मांग पर थोड़ा असर पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें: अहमदाबाद से सस्ता, बंपर मुनाफा, क्या धोलेरा अगला रियल एस्टेट हॉटस्पॉट है
 
वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच 10 प्रमुख टियर-2 शहरों में आवासीय रियल एस्टेट की मांग में 14% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखी गई. पारंपरिक महानगरों को पीछे छोड़ते हुए लखनऊ, नागपुर और कोयंबटूर जैसे शहरों ने लगभग 20% की और भी मजबूत वृद्धि दर्ज की है.

Advertisement

इंदौर, लखनऊ और सूरत जैसे शहर अब प्रीमियम हाउसिंग मार्केट के रूप में विकसित हो चुके हैं, जहां 20% से अधिक सक्रिय आवासीय आपूर्ति की कीमत ₹2 करोड़ से अधिक है. इस ट्रेंड को आईटी क्षेत्र के विस्तार और नए उद्यमियों और बिजनेस क्लास की बढ़ती संपत्ति से भारी समर्थन मिला है.

टियर-2 शहरों की असीम क्षमता पर गहरा भरोसा जताते हुए हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर का कहना है कि 'भारत के शहरी और आर्थिक विकास का अगला अध्याय उन प्रगतिशील शहरों द्वारा लिखा जाएगा, जो रोजगार के अवसरों के साथ-साथ एक प्रीमियम और उच्च स्तरीय जीवनशैली देने में सक्षम हैं.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इसी राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है, वर्तमान में लखनऊ का आर्थिक और सामाजिक ढांचा अभूतपूर्व रूप से मजबूत हो रहा है, जहां मेट्रो, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के विस्तार जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने विकास की रफ्तार को दोगुना कर दिया है.'

शहर में आवासीय संपत्तियों की मांग लगातार आपूर्ति के मुकाबले ऊंची बनी हुई है, जो यह साबित करती है कि लखनऊ दीर्घकालिक सफलता और रियल एस्टेट में नए मील के पत्थर स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

प्रीमियम और बड़े घरों की ओर बढ़ता रुझान

पिछले पांच वर्षों में कुल आवास आपूर्ति में 2BHK और 3BHK अपार्टमेंट्स की हिस्सेदारी 75% से अधिक रही है, जो बड़े और खुले घरों की ओर खरीदारों के एक स्पष्ट झुकाव को दर्शाती है. रिपोर्ट में यह भी देखा गया कि प्रीमियम घरों का औसत आकार बढ़ा है, जो विशाल रहने की जगह के लिए मजबूत मांग का संकेत देता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »