भारतीय शेयर बाजार में ओपनिंग से पहले ही तबाही के सिग्नल मिल रहे हैं और इनका कनेक्शन सीधे मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-ईरान के बीच भीषण जंग से है. इससे सहमे एशियाई शेयर बाजार बुरी तरह फिसले हैं. जहां एक ओर जापान का निक्केई इंडेक्स 900 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा है, तो साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स खुलते ही क्रैश हो गया है. इसमें 7 फीसदी के आसपास की गिरावट देखने को मिली है.
US मार्केट रेड, जापान-कोरिया में भूचाल
अमेरिकी शेयर बाजार बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन रेड जोन में क्लोज हुए थे, जबकि मिडिल ईस्ट में US-Iran War तेज होने के साथ ही सप्ताह के पहले एशियाई शेयर मार्केट्स में कोहराम सा मचा नजर आया है. बात करें, जापान के निक्केई इंडेक्स की तो कारोबार के दौरान Nikkei 900 अंक के आसपास टूटकर 67,230 तक गिर गया था.
इसके अलावा हांगकांग का HangSeng Index भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहा था. बात साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स की करें, तो KOSPI Index 6.90 फीसदी या 510 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 6952 के लेवल पर आ गया था.
Gift Nifty क्या कह रहा?
जापान, कोरिया से हांगकांग तक मचे हाहाकार के अलावा भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी भी भारी गिरावट लेकर कारोबार कर रहा है. खबर लिखे जाने तक Gift Nifty करीब 200 अंक की गिरावट में ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की ओर इशारा कर रहा है.
बाजारों को डरा रहा कौन सा डर?
एशियाई शेयर बाजारों में आई बड़ी गिरावट (Asian Stock Market Crash) के पीछे के कारणों की बात करें, तो ये अमेरिका-ईरान के बीच फिर से भीषण जंग के चलते देखने को मिल रही है. युद्ध बढ़ने के चलते ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने का ऐलान कर दिया है, तो दुनिया फिर से महंगाई का जोखिम बढ़ने के खौफ में है.
Hormuz Strait बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में अचानक से तेज उछाल देखने को मिला है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत (Brent Crude Price) करीब 5 फीसदी की उछाल के साथ 80 डॉलर प्रति बैरल के बिल्कुल करीब पहुंच गई.
इसके अलावा डब्ल्यूटीआई क्रूड प्राइस (WTI Crude Oil Price) भी 4 फीसदी अधिक की तेजी लेकर 75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता हुआ नजर आया. बात करें, मर्बन क्रूड प्राइस की (Murban Crude Price) की इसे 5.50 फीसदी की बढ़ोतरी अचानक देखने को मिली है औऱ ये भी 75 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास ट्रेड कर रहा है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क