अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध के चलते वेस्ट एशिया संकट कम नहीं हो रहा है. दुनिया की तेल जरूरतों को पूरा करने में अहम रोल निभाने वाला होर्मुज स्ट्रेट बंद है, जबकि क्रूड का दाम 100 डॉलर के आस-पास बना हुआ है. इस ग्लोबल टेंशन ने पाकिस्तान, ब्रिटेन, बांग्लादेश से लेकर भारत तक पर बुरा असर डाला है और पेट्रोल-डीजल से लेकर एलपीजी तक की किल्लत और कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों पर महंगाई की मार पड़ी है.
श्रीलंका में भी बुरा हाल है, पश्चिम एशिया संकट के चलते महंगाई बढ़ने के बीच सेंट्रल बैंक (Sri Lanka Central Bank) को तीन साल बाद बड़ा फैसला लेना पड़ा. श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने पॉलिसी रेट यानी नीतिगत ब्याज दरों में तगड़ी बढ़ोतरी करते हुए कर्ज महंगा कर दिया है. मंगलवार को ब्याज दरों में 100 बेसिस पॉइंट या 1% की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद ये बढ़कर 8.75 फीसदी हो गई है.
2023 में आखिरी बार बढ़ा था रेट
श्रीलंका सेंट्रल बैंक की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि मॉनेटरी पॉलिसी बोर्ड ने सोमवार को शुरू हुई अपनी बैठक फैसला लेते हुए ओवरनाइट पॉलिसी रेट (OPR) को 100 BPS बढ़ाया है. इससे पहले नीतिगत ब्याज दर मार्च 2023 में बढ़ोतरी की गई थी और इसे 14.5 फीसदी से बढ़ाकर 15.5 फीसदी किया गया था. यानी तीन साल बाद पहली बार बैंक को ये फैसला लेना पड़ा है.
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बोर्ड ने घरेलू और वैश्विक स्तर पर बदलते हालातों पर सावधानी से विचार करने के बाद Rate Hike का यह निर्णय लिया है. इसके बाद देश में स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी रेट (SDFR) और स्टैंडिंग लेंडिंग फैसिलिटी रेट (SLFR) को क्रमशः 8.25% और 9.25% तक बढ़ा दिया गया है.
कच्चे तेल ने कर दिया मजबूर
पश्चिम एशिया में संकट की वजह से तेल की कीमतों में आए बड़े बदलावों का सीधा असर देश में देखने को मिला है. इसकी वजह से अप्रैल 2026 में श्रीलंका में महंगाई दर बढ़कर 5.4% तक पहुंच गई. इसके अलावा 2026 की पहली तिमाही में देश का चालू खाता अधिशेष ईंधन आयात और पर्यटन सेक्टर में मंदी के चलते मामूली रहा. श्रीलंका का रुपया (LKR) सालाना आधार पर 7.2% गिर चुका है, जबकि इसका विदेशी मुद्रा भंडार 6.8 अरब डॉलर पर आ गया है.
पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि West Asia Crisis से पैदा हुई अनिश्चितताओं ने ग्लोबल कमोडिटी प्राइस, खासतौर पर पेट्रोलियम प्रोडक्ट की कीमतों को हाई पर बनाए रखा है, जिससे तमाम वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.
5% पर स्थिर रह सकती है महंगाई
केंद्रीय बैंक ने भी कहा है कि वैश्विक स्तर पर तेल की ऊंची कीमतों से घरेलू ऊर्जा की कीमतों में तेज बढ़ोतरी करनी पड़ी है. इसके साथ ही अनुमान जाहिर किया गया है कि आगे महंगाई दर (Sri Lanka Inflation Rate) 5% के लक्ष्य से ऊपर रहने की संभावना है, या ये इसके आसपास स्थिर हो जाएगी.
गौरतलब है कि किसी भी देश के सेंट्रल बैंक महंगाई बढ़ने पर इसे काबू करने के लिए अक्सर पॉलिसी रेट बढ़ाने का फैसला करता है. इससे बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा होता है, जिसके बाद बैंक होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं. इसके बाद कर्ज लेना महंगा होता है और लोगों के खर्च करने की रफ्तार धीमी पड़ जाती है.
इससे डिमांड में कमी आती है, तो कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव घटता है. इससे महंगाई पर काबू होता है. यही वजह है कि ब्याज दरों में इजाफे को महंगाई कम करने का बड़ा हथियार माना जाता है.
आजतक बिजनेस डेस्क