SBI की कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ मंगलवार यानी आज खुल चुका है. इस IPO में ज्यादातर निवेशक, पैसा लगाने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो बिना पढ़े या कंपनी के बारे में जाने इस आईपीओ में पैसा लगा रहे हैं. हालांकि, आपको किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले उसके बारे में विस्तार से जान लेना चाहिए. यहां पूरी डिटेल बताई जा रही है...
भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 14 जुलाई को खुल चुका है और अभी तक इसे 23 फीसदी तक सब्सक्राइब किया जा चुका है. इसमें अभी तक कर्मचारियों का हिस्सा लगभग पूरी तरह भर चुका है. इसके बाद गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 35% और शेयरधारकों का हिस्सा 32% बुक हुआ है.
एसबीआई का ये आईपीओ 9,813 करोड़ रुपये साइज के साथ खुला है और 16 जुलाई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा. धीमी शुरुआत के बावजूद ग्रे मार्केट में इसके शेयरों का रिस्पॉन्स अच्छा दिख रहा है. मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म इन्वेस्टोरगेन के अनुसार, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 100 रुपये प्रति शेयर है, जो प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे से लगभग 18 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग लाभ का संकेत देता है. आईपीओ वॉच ने भी जीएमपी का अनुमान 100 रुपये प्रति शेयर लगाया है.
कितना है इस आईपीओ का प्राइस बैंड?
कंपनी ने IPO के लिए प्रति शेयर 545 रुपये से 574 रुपये का प्राइस तय किया है. यह पब्लिक इश्यू पूरी तरह से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव (OFS) है, जिसका मतलब है कि कंपनी को इस पेशकश से कोई आय नहीं होगी. पूरी राशि बेचने वाले शेयरधारकों - भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग को जाएगी.
कंपनी प्री आईपीओ से जुटाए 1,655 करोड़
ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, SBI 12.83 करोड़ शेयरों तक की बिक्री करेगा, जबकि अमुंडी 7.54 करोड़ शेयरों को सेल कर रहा है. IPO लॉन्च से पहले इस एसेट मैनेजर कंपनी ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के माध्यम से 1,655 करोड़ रुपये जुटाए, जिसमें 10 जुलाई को 30 प्रमुख संस्थागत निवेशकों को 574 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 2.88 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए गए. इस आईपीओ में भाग लेने वालों में अजीम प्रेमजी समर्थित पीआई अपॉर्चुनिटीज फंड-II और निवेशक आकाश मानेक भंसाली शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक ने लगभग 200 करोड़ रुपये के शेयर हासिल किए. प्री आईपीओ से रकम जुटाने से ये मालूम होता है कि इस कंपनी के शेयरों की भारी डिमांड है.
कैसी रही है कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ?
SBI फंड्स मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2026 में मजबूत अर्निंग ग्रोथ दर्ज की, जिसमें नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 2025 के 2,540 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 3,068 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने वित्त वर्ष 2024 में 2,073 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हासिल किया, जो लगातार बढ़ोतरी को दिखाता है. ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025 के 3,598 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 4,389 करोड़ रुपये हो गया, जो 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है.
किसके लिए कितना रिजर्व है ये आईपीओ?
कुल पेशकश में से 50 प्रतिशत QIB के लिए, 15 प्रतिशत NII के लिए और 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व है. कंपनी ने पात्र SBI शेयरधारकों के लिए 1.3 करोड़ शेयर और पात्र कर्मचारियों के लिए 170 करोड़ रुपये प्राइस के शेयर भी रिजर्व किए हैं, जिन्हें हर शेयर पर 54 रुपये की छूट मिलेगी.
कितना लगा सकते हैं पैसा?
खुदरा निवेशक न्यूनतम 26 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए 14,924 रुपये का निवेश आवश्यक है. शेयरों के आवंटन का आधार 17 जुलाई को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, और शेयरों के 21 जुलाई को एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होंगे.
इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स हैं। केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड रजिस्ट्रार है.
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट
1992 में स्थापित, SBI फंड्स मैनेजमेंट SBI और अमुंडी के संयुक्त उद्यम SBI म्यूचुअल फंड के निवेश प्रबंधक के रूप में कार्य करता है. 2025 तक, कंपनी लगभग 16.32 लाख करोड़ रुपये की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का प्रबंधन कर रही थी, जिससे भारत के म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी 15.5 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी थी.
(नोट- किसी भी शेयर या आईपीओ में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क