बिहार में सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अब और तेज हो गया है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई नेताओं पर नया राजनीतिक हमला बोला. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने साफ कर दिया है कि वह अपना सरकारी बंगला खुद से खाली नहीं करेंगी.
राबड़ी देवी ने कहा कि अगर सरकार चाहती है तो उन्हें जबरन आवास से बाहर कर सकती है. उनके इस बयान के कुछ ही समय बाद RJD ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट जारी कर सरकार और NDA नेताओं पर कई सवाल उठाए. RJD ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास परिसर के आसपास के सरकारी बंगलों को इसमें शामिल कर लिया. पार्टी का दावा है कि इससे मुख्यमंत्री आवास का क्षेत्रफल बढ़कर लगभग 15 एकड़ हो गया है.
पार्टी ने कहा कि देश के सबसे गरीब राज्यों में गिने जाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री के पास अब देश के सबसे बड़े और आलीशान सरकारी आवासों में से एक है. RJD ने सवाल उठाया कि क्या किसी मुख्यमंत्री को रहने और कार्यालय संचालन के लिए करीब 15 एकड़ जमीन, लगभग 24 बीघा या 480 कट्ठा क्षेत्र की जरूरत होती है.
राबड़ी आवास विवाद पर RJD का पलटवार
RJD ने मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर लोक सेवक आवास किए जाने पर भी सवाल खड़े किए. पार्टी का आरोप है कि इस नाम परिवर्तन का इस्तेमाल आवास परिसर के विस्तार को उचित ठहराने के लिए किया गया. इसके साथ ही RJD ने कई सांसदों, पूर्व मंत्रियों और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं को आवंटित सरकारी आवासों पर भी सवाल उठाए. पार्टी का आरोप है कि कई नेता ऐसे हैं जो अब उन पदों पर नहीं हैं, जिनके आधार पर उन्हें सरकारी आवास मिलने का अधिकार था, फिर भी वे सरकारी बंगलों में रह रहे हैं.
RJD ने सम्राट चौधरी और NDA नेताओं को घेरा
RJD ने जिन नेताओं के नाम लिए हैं उनमें सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, सांसद संजय झा, उपेंद्र कुशवाहा, पूर्व मंत्री राजू सिंह, पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मंटू और पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू शामिल हैं. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सांसद पटना में सरकारी आवासों में रह रहे हैं, जबकि उनके पास दिल्ली में पहले से आधिकारिक आवास उपलब्ध हैं. राबड़ी देवी के आवास विवाद और RJD के नए आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में सरकारी बंगलों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है. अब इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है.
रोहित कुमार