कहां तक पहुंची BPSC बनाम छात्रों की लड़ाई? मुख्य सचिव और सेक्रेटरी का भी आया बयान, PK से पप्पू यादव तक जानें सब कुछ

बीपीएससी बनाम छात्रों की लड़ाई अब उससे कहीं आगे बढ़ गई है. छात्रों के एक डेलिगेशन ने मुख्य सचिव से मुलाकात की है. हालांकि, अभी दोनों के बीच की बातचीत किसी हल तक नहीं पहुंच पाई है. अभ्यर्थी सत्यम ने कहा,'काफी सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है. मुख्य सचिव ने हमारी पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनी.'

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पटना में BPSC छात्रों का प्रदर्शन (File Photo) पटना में BPSC छात्रों का प्रदर्शन (File Photo)

शशि भूषण कुमार / रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 30 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST

बिहार के पटना में BPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है. इस बीच छात्रों के डेलिगेशन ने मुख्य सचिव से मुलाकात की है. मुख्य सचिव ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिया है कि सीएम नीतीश कुमार पटना लौटेंगे तो उनसे मुलाकात करने की कोशिश की जाएगी. 

मुख्य सचिव से बातचीत के बाद डेलिगेशन में शामिल अभ्यर्थी सत्यम ने कहा,'काफी सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है. मुख्य सचिव ने हमारी पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनी. उनको पहले से भी इस मामले की पूरी जानकारी है. सरकार की तरफ से मुख्य सचिव ने कहा है कि वह इस पूरे मामले को देख रहे हैं. जब तक सरकार फैसला नहीं लेती, गर्दनीबाग में धरना जारी रहेगा.

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छात्र ने आगे कहा,'सवाल हमारी संतुष्टि का नहीं है. सरकार क्या फैसला लेती है यह देखना होगा. हमने मुख्य सचिव से छात्रों के ऊपर दर्ज किए गए केस वापस लेने की मांग की है. गड़बड़ी से जुड़े हुए, जो भी सबूत थे वह हमने मुख्य सचिव को दिए हैं. मुख्य सचिव ने इस तरह का जवाब दिया है, जैसा आमतौर पर ब्यूरोक्रेसी से जुड़े लोग नपे-तुले अंदाज में देते हैं.'

बीपीएससी के चेयरमैन परमार रवि मनु भाई ने भी राज्यपाल से मुलाकात की है. राज्यपाल ने उन्हें बीपीएससी का पक्ष जानने के लिए बुलाया था. बीपीएससी चेयरमैन का कहना है कि दोबारा परीक्षा कराने का सवाल ही नहीं उठता. BPSC अभ्यर्थियों से बातचीत करने को तैयार है. राज्य के 912 केंद्रों में से 911 केंद्रों पर परीक्षा में किसी गड़बड़ी का हमारे पास कोई सबूत नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि किस आधार पर पूरी परीक्षा रद्द करनी चाहिए? 4 जनवरी को केवल एक केंद्र पर दोबारा परीक्षा होगी. जनवरी के अंत तक 70वीं BPSC पीटी परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा.'

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मार्च करने के लिए गुमराह किया: तेजस्वी

RJD चीफ ने जन सुराज पार्टी और उसके चीफ प्रशांत किशोर पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने पीके पर नीतीश की 'बी-टीम' की तरह काम करने का आरोप लगाया है. तेजस्वी यादव ने कहा,'प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान की तरफ मार्च करने के लिए 'गुमराह' किया गया. जब लाठीचार्ज और पानी की बौछारों का सामना करने का समय आया तो विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले लोग भाग निकले. उन्होंने कहा कि आंदोलन छात्रों ने शुरू किया था. गर्दनी बाग में करीब दो सप्ताह तक चले धरने ने सरकार को हिलाकर रख दिया था, जहां मैं भी गया था. कुछ तत्व सरकार की बी टीम के तौर पर काम कर रहे थे. 

औकात की धौंस दिखा रहे हैं: पप्पू यादव

बिहार के पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा,'प्रशांतजी खुद नए नेता बने हैं और छात्रों को धमका रहे हैं. अपनी औकात की धौंस दिखा रहे हैं! आज जब धेले भर की चुनावी औकात नहीं है तो अहंकार टपक रहा है. छात्रों के सामने बड़ी-बड़ी सरकार उड़ गई आप क्या चीज हैं? छात्र पुलिस से पिट रहे थे आप पीठ दिखा भाग गये, सवाल पूछने पर गाली?.'

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3 दिन में दूसरी बार अत्याचार: प्रियंका

प्रियंका गांधी ने पटना में आंदोलन करने रहे बीपीएससी अभ्यर्थियों का समर्थन किया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा,'बिहार में तीन दिन के अंदर दूसरी बार छात्रों पर अत्याचार किया गया. परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, धांधली, पेपर लीक रोकना सरकार का काम है, लेकिन भ्रष्टाचार रोकने की जगह छात्रों को आवाज उठाने से रोका जा रहा है. इस कड़ाके की ठंड में युवाओं पर पानी की बौछार और लाठी चार्ज करना अमानवीय है. BJP का डबल इंजन युवाओं पर डबल अत्याचार का प्रतीक बन गया है.'

PK बोले- अनशन करने वाले छात्र मेरे साथ

आरोपों पर जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा,'BPSC अभ्यर्थियों के साथ मैं प्रेस वार्ता कर रहा हूं. आमरण अनशन करने वाले छात्र मेरे साथ बैठे हैं. कल के छात्र संसद में ये तय हुआ था कि इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व छात्र ही करेंगे. हमने प्रशासन को जानकारी दी थी कि छात्र संसद का आयोजन करना चाहते हैं. प्रशासन ने ये गलत कहा कि हमने अनुमति नहीं दी. गांधी मैदान में बैठकर बात करने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं थी. कल छात्र संसद में कोई हंगामा नहीं हुआ. तय हुआ कि मार्च के जरिए आगे बढ़कर सरकार को ज्ञापन देंगे. हमने तय किया कि सरकार जहां रोकेगी वहीं ज्ञापन देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. 

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मेरे हटने के बाद हुआ लाठीचार्ज: PK

प्रशांत किशोर ने आगे कहा,'जेपी गोलंबर पर हमें रोका गया. प्रशासन ने कहा कि मुख्य सचिव बातचीत करने को तैयार हैं. हमारे 5 साथियों का डेलिगेशन तय हुआ. मैनें छात्रों से अपील की, जिसको घर जाना है घर जाएं. मैं निकलकर फिर से गांधी मैदान पर जाकर बैठ गया. हजार-दो हजार छात्रों ने मेरी बात नहीं मानी. उनका मानना था कि आज वापस नहीं जाएंगे. मैं गांधी मैदान से निकला उसके 45 मिनट बाद लाठीचार्ज हो गया. मैं वहां से नहीं हटा, बल्कि मेरे हटने के बाद लाठीचार्ज हुआ. पटना पुलिस पर एफआईआर करेंगे. पुलिस के खिलाफ कोर्ट में भी जाएंगे. ह्यूमन राइट्स में भी जाएंगे.  आज डेलिगेशन मुख्य सचिव से मिलने जा रहा है. अगर ये मामला नहीं निपटा तो 2 जनवरी से मैं खुद धरने पर बैठूंगा.'

क्या है BPSC अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

1. एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को रद कर नए सिरे से आयोजन किया जाए.
2. प्रश्न पत्र की तैयारी से लेकर परीक्षा आयोजित कराने की पूरी प्रक्रिया की गहन जांच हो.
3. प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए एसओपी बने, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी न हो.

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