सोशल मीडिया से बदलेगी बिहार की तस्वीर! विदेशी इन्फ्लुएंसर्स को सौंपा गया बड़ा मिशन

बिहार सरकार राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए विदेशी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स का सहारा ले रही है. विदेश मंत्रालय की पहल पर कई देशों के इन्फ्लुएंसर्स बिहार पहुंचकर गया, नालंदा, पटना और अन्य पर्यटन स्थलों पर कंटेंट बना रहे हैं. सरकार को उम्मीद है कि डिजिटल प्रमोशन से पर्यटन बढ़ेगा और 'ब्रांड बिहार' को नई पहचान मिलेगी.

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बिहार को पर्यटन हब बनाने की तैयारी.(Photo: AI-generated) बिहार को पर्यटन हब बनाने की तैयारी.(Photo: AI-generated)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:21 PM IST

बिहार सरकार अब राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विदेशी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स का सहारा ले रही है. बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को दुनिया तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लान को सक्रिय कर दिया गया है. पहली बार बिहार पर्यटन को ब्रांड बनाने के लिए विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स को इस मिशन से जोड़ा गया है. राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से 'ब्रांड बिहार' को मजबूत पहचान मिलेगी.

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दरअसल, बिहार सरकार ने इस योजना को लेकर केंद्र सरकार से बातचीत की थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने विदेशी सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स को इस मिशन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक एक दर्जन से अधिक देशों के तीन दर्जन से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स को बिहार से जोड़ा गया है.

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ये विदेशी इन्फ्लुएंसर्स अलग-अलग समूहों में बिहार का दौरा कर रहे हैं और टेक्स्ट, वीडियो, इमेज तथा पॉडकास्ट के माध्यम से दुनियाभर के लोगों को बिहार की विरासत और पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दे रहे हैं. सरकार को भरोसा है कि सोशल मीडिया के जरिए बिहार पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी.

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सोशल मीडिया ट्रेंड को देखते हुए बना प्लान

दरअसल बिहार सरकार का यह कदम डिजिटल दौर में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उठाया गया है. एक इंटरनेट सर्वे के मुताबिक 35 फीसदी से ज्यादा लोग यात्रा की योजना बनाने से पहले सोशल मीडिया रिव्यू और वीडियो देखते हैं. वहीं 40 वर्ष से कम उम्र के लगभग 50 फीसदी युवा सोशल मीडिया पोस्ट, पॉडकास्ट, ट्रैवल ब्लॉग और रील्स को अपनी अगली ट्रैवल डेस्टिनेशन चुनने का मुख्य आधार मानते हैं.

इसी वजह से विदेशी इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को इस अभियान में शामिल किया गया है. विदेश मंत्रालय की पहल पर अब तक मलेशिया, मंगोलिया, म्यांमार, सिंगापुर, साउथ कोरिया, इंडोनेशिया, जापान, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान, कंबोडिया, लाओस, नेपाल और वियतनाम के कंटेंट क्रिएटर्स बिहार पहुंच चुके हैं.

बिहार के पर्यटन स्थलों पर बना रहे कंटेंट

विदेशी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के बिहार आने का सिलसिला दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था. पहली बार दिसंबर 2025 में करीब 20 इन्फ्लुएंसर्स बिहार आए थे. इसके बाद अप्रैल 2026 में भी लगभग इतने ही कंटेंट क्रिएटर्स ने बिहार का दौरा किया.

इन इन्फ्लुएंसर्स ने गया, नालंदा, पटना, पटना साहिब, सीतामढ़ी, कैमूर और नवादा समेत कई पर्यटन स्थलों पर कंटेंट तैयार किए हैं. जापान के इन्फ्लुएंसर ककेटकू, जिनके सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं, उन्होंने बिहार पर कई कंटेंट बनाए हैं. वहीं मंगोलिया की एनखबाटर कनखबूलगर और मलेशिया के इएकैट्समे ने भी बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अपने कंटेंट में दिखाया है. बिहार सरकार का मानना है कि इन डिजिटल अभियानों से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और 'ब्रांड बिहार' को नई पहचान मिलेगी.

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