प्राइवेट जॉब के ल‍िए इतनी मारामारी! बिहार सरकार के जॉब मेले में पहुंच गए 62 हजार युवा, हर तरफ थे चेहरे थी चेहरे

पटना के ज्ञान भवन में इन दिनों युवाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. ये भीड़ किसी खेल या मनोरंजन कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि अपने बेहतर भविष्य और नौकरी की तलाश में यहां पहुंची है. तीन दिनों तक चलने वाले इस जॉब फेयर में हजारों युवा रोजगार की उम्मीद लेकर आए हैं, क्योंकि सरकारी नौकरी का इंतजार लंबा होता जा रहा है. 

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पटना में सरकारी नौकरी के लगी युवाओं की भीड़. पटना में सरकारी नौकरी के लगी युवाओं की भीड़.

शशि भूषण कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:31 PM IST

युवाओं की ये भीड़ किसी स्टेडियम में क्रिकेट का मैच देखने नहीं बल्कि पटना के ज्ञान भवन में आयोजित जॉब फेयर में अपने भविष्य को ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए पहुंचे हैं. यहां पर मौजूद हर चेहरे को तलाश है एक बेहतर जॉब की. सरकार से नौकरी की उम्मीद पूरी नहीं हुए इसलिए वे तीन दिनों तक चलने वाले इस जॉब फेयर में पहुंचे हैं. ये नजारा जॉब फेयर के पहले दिन का है, जब नौकरी की उम्मीद लिए आए युवाओं की भीड़ को कंट्रोल में रखने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

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पहले दिन 12 हजार से ज्यादा युवा शामिल 

पहले दिन 12 हजार से अधिक युवा इस जॉब फेयर में पहुंचे थे, जिसमें से 2438 युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार भी मिली. 
इस जॉब फेयर में हेल्थ सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के अंदर ही रोजगार दिया जा रहा है. जॉब फेयर के लिए 62 हजार से अधिक युवाओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है. मेले में शामिल हो रही 100 कंपनियों में करीब 20 हजार जॉब्स देने का दावा है. 

सरकार ने किया वादा
 
बिहार की नई सम्राट सरकार ने युवाओं से वादा किया है कि एक साल में 7 बार जॉब फेयर का आयोजन किया जाएगा. इस बार का पूरा फोकस हेल्थ सेक्टर पर है. जॉब फेयर में एक नौकरी की उम्मीद लिए पहुंचने वालों युवाओं के साथ–साथ ऐसी महिलाएं भी नजर आईं जिनके दो–दो बच्चे हैं, सालों पहले एएनएम की ट्रेनिंग कर ली लेकिन सरकारी नौकरी नहीं मिली तो अब निजी क्षेत्र से उम्मीदें हैं. डिप्लोमा लेवल के एजुकेशन वाली नौकरियों के बी–टेक करने वाले युवा भी कतार लगाए खड़े नजर आए. कुछ को जॉब मिलने की उम्मीद है तो कईयों को निराशा भी हाथ लगी.

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कई युवा ऐसे मिले जो ड्रेसर की जॉब के लिए आए लेकिन इस रोजगार मेले में ड्रेसर के लिए कोई वेकेंसी ही नहीं मिली. यही हाल फार्मा की पढ़ाई करने वाले युवाओं का भी नजर आया जिन्होंने बी फार्मा की पढ़ाई की है. युवाओं की आम शिकायत ये भी रही कि जॉब फेयर में पहुंची ज्यादातर कंपनियां युवाओं से अनुभव की उम्मीद कर रही हैं. 

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