E20 कार दो या पूरे पैसे वापस करो, कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी Maruti

Maruti Suzuki रायपुर कंज्यूमर कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी. कंपनी का कहना है कि कोर्ट के फैसले में कई फैक्ट्स मौजूद नहीं थे. कंज्यूमर को दी गई कार E20 कंप्लायंस थी. दरअसल, E20 बोलकर बेची गई एक ग्रैंड विटारा बार-बार खराब हो रही थी. पेरशान ग्राहक जब कोर्ट पहुंचा, तो फैसला उसके पक्ष में आया. अब कंपनी इस फैसले को दूसरे कोर्ट में चुनौती देगी.

Advertisement
Maruti Suzuki Grand Vitara का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन कंज्यूमर ने खरीदा था. (Photo: marutisuzuki.com) Maruti Suzuki Grand Vitara का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन कंज्यूमर ने खरीदा था. (Photo: marutisuzuki.com)

चेतन भूटानी

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:59 PM IST

मारुति सुजुकी ने हाल में ग्रैंड विटारा (Maruti Suzuki Grand Vitara) को लेकर दिए गए रायपुर कंज्यूमर कोर्ट के फैसले को चुनौती देने की बात कही है. रायपुर कंज्यूमर कोर्ट ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मारुति सुजुकी को कंज्यूमर की कार को E20 कंप्लायंस ग्रैंड विटारा से रिप्लेस करने या फिर मॉडल की कीमत चुकाने के लिए कहा था. 

Advertisement

अब कंपनी ने कोर्ट के इस फैसले को बड़ी कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है. मारुति का कहना है कि ग्राहक को बेची गई कार पूरी तरह से E20 कम्पैटिबल थी और इसकी जानकारी कार के यूजर मैन्युअल में दी गई थी. कंपनी का कहना है कि जांच में मिलावटी फ्यूल की जानकारी सामने आई थी और कोर्ट के ऑर्डर में मुख्य फैक्ट नजर नहीं आ रहे हैं. 

क्या है मामला? 

ये पूरा मामला रायपुर कंज्यूमर कोर्ट का है. डॉक्टर प्रेमराज डेब्टा ने जून 2024 में नेक्सा डीलरशिप से ग्रैंड विटारा का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस वेरिएंट खरीदा था. उस वक्त उन्हें डीलरशिप ने जानकारी दी कि कार दिसंबर 2023 में बनी हुई थी, लेकिन बाद में आयोग के जरिए प्रेमराज को पता चला कि उनकी कार जनवरी 2023 में मैन्युफैक्चर्ड है. 

Advertisement

कंज्यूमर ने बताया कि उनकी कार में 11 नवंबर 2024 को खराबी आई, जिसके बाद कार के डैशबोर्ड पर इंजन मालफंक्शन का साइन दिखने लगा. डीलरशिप पर उन्हें बताया गया कि कार में मिलावटी पेट्रोल पड़ा था, जिसकी वजह से ये दिक्कत आई है. 

यह भी पढ़ें: बार-बार बंद हुई कार! कोर्ट ने कहा नई E20 गाड़ी दो या पूरा पैसा वापस करो, मिसाल बनेगा ये फैसला

इसके बाद पूरा टैंक खाली करके कार को दोबारा रिफ्यूल किया गया. वहीं डॉक्टर प्रेमराज ने इस बीच फ्यूल पंप पर इसकी शिकायत दर्ज कराई और कंपनी को मेल किया. पेट्रोल पंप का जवाब आया कि उनके पेट्रोल में कोई दिक्कत नहीं है. इस बीच उनकी कार दोबारा खराब हुई, जिसे वापस मारुति सुजुकी के डीलरशिप पर लाया गया. 

कंज्यूमर का कहना है कि ये सिलसिला बार-बार होता रहा और लगभग 1 महीने तक कार वर्कशॉप पर ही खड़ी रही. कुछ दिनों बाद डीलरशिप ने ईमेल कर उन्हें जानकारी दी कि मिलावटी पेट्रोल की वजह से कार का इंजन खराब हो गया है और उसे रिप्लेस करना पड़ेगा. इसका खर्च लगभग 5.30 लाख रुपये है और ये रिपेयरिंग वारंटी में कवर नहीं होगा. 

यह भी पढ़ें: 2,173 सरप्राइज रेड... 1,385 टेस्ट! इथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल पर HPCL का खुलासा

Advertisement

कोर्ट का क्या है फैसला?

मामला जब रायपुर कंज्यूमर कोर्ट में पहुंचा, तो वहां भी कंपनी और डीलरशिप ने दावा किया कि मॉडल E20 पेट्रोल के साथ पूरी तरह कम्प्लायंट है. हालांकि, कोर्ट कंपनी की दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ और उन्होंने कंज्यूमर के पक्ष में फैसला सुनाया.  

कोर्ट ने अपने फैसले में कार कंपनी से कंज्यूमर को नई E20 कार या पूरा पैसा (लगभग 20.5 लाख रुपये) वापस करने के लिए कहा. इसके अलावा मानसिक परेशानी झेलने के लिए कंज्यूमर को 1 लाख रुपये और कानूनी प्रक्रिया में खर्च के मुआवजे के तौर पर 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया. अब मारुति ने कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने का निर्णय लिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »