Biogas Plant: खेती-किसानी में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से फसलों की उपज लगातार प्रभावित हो रही है. जमीन अपनी उत्पादकता खो रही है. विकल्प के रूप में अब किसानों को जैविक खेती अपनाने की सलाह दी जा रही है. इसी कड़ी में केंद्र और राज्य सरकारें जैविक खेती करने वाले किसानों को आर्थिक मदद भी दे रही हैं.
40 प्रतिशत तक की सब्सिडी
जैविक खेती में सबसे अहम किरदार जैविक उर्वरकों का है. यह वर्मी वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाकर या बायोगैस प्लांट लगाकर तैयार किए जाते हैं. कई राज्य सरकारें जैविक खाद तैयार करने के लिए सब्सिडी भी भी देती हैं. इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने खाद और ऊर्जा उत्पादन के लिये बायोगैस प्लांट लगाने के लिये किसानों को लगभग 40 प्रतिशत यानी 4 लाख तक का अनुदान देने की घोषणा की है.
हरियाणा सरकार के ट्वीट के मुताबिक 27 क्यूबिक प्लांट लगाने के लिये अधिकतम 1 लाख 27 हजार 200 रुपये, 35 क्यूबिक प्लांट लगाने के लिये 2 लाख 2 हजार रुपये, 45 क्यूबिक बायोगैस प्लांट के लिये भी 2लाख 38 हजार 800 रुपये, बायोगैस के लिये 60 क्यूबिक प्लांट लगाने पर 3 लाख 2 हजार 400 रुपये, 80 क्यूबिक बायोगैस प्लांट लगाकर 3 लाख 95 हजार 600 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है
हरियाणा में अब बायोगैस प्लांट लगाना हुआ बेहद आसान
बायोगैस प्लांट लगाने पर हरियाणा सरकार दे रही 40% अनुदान pic.twitter.com/MH7eYX2DHZ
— MyGovHaryana (@mygovharyana) September 11, 2022
फसलों की बढ़ेगी उपज
बता दें कि हरियाणा की गिनती कृषि प्रधान राज्यों में की जाती है. यहां खेती-किसानी और पशुपालन एक दूसरे के पूरक है. खेतों से किसानों को पशुओं के लिए चारा मिलता है तो वहीं गाय के गोबर से जैविक खाद तैयार कर सकते हैं. इनका उपयोग खेतों में कर फसलों की उपज बढ़ा सकते हैं.
अधिक जानकारी के लिए यहां करें संपर्क
इच्छुक किसान इस योजना के लिए आवेदन करने या अधिक जानकारी के लिये नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग एवं हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं.