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Mushroom Farming: मटके में भी मशरूम उगा कर किसान कमा सकते हैं बंपर मुनाफा, ये है तरीका

Mushroom Ki kheti: मशरूम की खेती करने में पहले लोग हिचकते थे. उनका मानना था कि इसकी खेती करना बेहद खर्चीला है. इसके लिए बकायदे सेटअप तैयार किया जाता है. लेकिन हम आपको बता रहे हैं कि कैसे कम खर्च में अपने घर पर मटके में ऑयस्टर मशरूम ( ढींगरी मशरूम) को उगा सकते हैं.

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Mushroom Cultivation In earthen Pot Mushroom Cultivation In earthen Pot
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मशरूम से बनाए जाते हैं कई तरह के प्रोडक्ट्स
  • ऑयस्टर मशरूम की कभी भी करें खेती

Mushroom Cultivation: मशरूम की खेती से कई किसान बंपर मुनाफा कमा रहे हैं. इससे प्रेरित होकर अन्य किसानों भी इसकी खेती की तरफ रुख करना शुरू कर दिया है. मशरूम की खेती की सबसे खास बात है कि बाजार में ये हाथों-हाथ बिक जाता है. साथ ही इससे बिस्किट, नमकीन जैसे कई अन्य तरह के प्रोडक्ट बनाकर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

बता दें कि मशरूम की खेती करने में पहले लोग हिचकते थे. उनका मानना था कि इसकी खेती करना बेहद खर्चीला है. इसके लिए बकायदे सेटअप तैयार किया जाता है. लेकिन हम आपको बता रहे हैं कि कैसे कम खर्च में अपने घर पर मटके में ऑयस्टर मशरूम ( ढींगरी मशरूम) को उगा सकते हैं.

साल में कभी भी करें ऑयस्टर मशरूम की खेती

हरियाणा के हिसार जिला के सलेमगढ़ गांव के रहने वाले 24 वर्षीय विकास वर्मा बड़े पैमाने पर मशरूम की खेती करते हैं. वह अपने फार्म में सबसे ज्यादा ऑयस्टर मशरूम की खेती करते हैं. उनके मुताबिक इस मशरूम की खेती साल भर की जा सकती है. अन्य प्रकार के मशरूमों की खेती के मुकाबले इसमें नुकसान भी कम होता है.

मटके में ऐसे करें मशरूम की खेती

विकास बताते हैं कि ज्यादातर लोग मशरूम की खेती करने के लिए आयताकार सांचे बनाते हैं. यह प्रकिया थोड़ी खर्चीली है. ऐसे में किसान मटके में भी मशरूम उगा सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले आपको एक मटका लेना होगा. मटके में चारों तरफ छोटे-छोटे छेद कर दें. इसके बाद, उस मटके के अंदर नमी युक्त भूसा भरें. इस दौरान मटके के अंदर मशरूम का बीज भी डाल दें. इसके बाद, उन छेदों को रूई  की मदद से बंद कर दें. मटके का मुंह किसी मोटे कपड़े से बांध दें, ताकि नमी मटके के बाहर न निकल सके.

इसके बाद उस मटके को अंधेरे कमरे में 12 से 15 दिन के लिए रख दीजिए. करीब 15 दिनों में मशरूम के स्पॉन बीज, पूरी तरह से फैलकर विकसित हो जाएंगे.लगभग 3 हफ्ते बाद कपड़े को हटाकर मटके को देखें.आपको छेद में से मशरूम के छोटे-छोटे सफेद बड दिखाई देंगे. जब बड गुच्छे में तब्दील होकर ऊपर की तरफ मुड़ने लगे तो इसकी तुड़ाई करना शुरू कर दें.

कम हो जाएगी किसानों की लागत

इस तकनीक का इस्तेमाल करने के दौरान किसानों को एक तो खर्च कम आएगा. दूसरा मटके के अंदर का तापमान हमेशा ठंडा रहता है. ऐसे में मशरूम के विकास के लिए ये काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, जिससे किसान बढ़िया मुनाफा हासिल कर सकता है.
 

 

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