Mahogany Profit: महोगनी की खेती से किसान करोड़पति बनने तक का सफर पूरा कर सकता है. किसानों बस इसकी खेती के लिए धैर्य रखने की जरूरत है. 200 फीट तक की ऊंचाई तक बढ़ने वाले इस पेड़ की बीज, छाल, लकड़ी और पत्तियां तक बाजार में अच्छी कीमतों पर बिकती हैं.
महोगनी की लकड़ियां खराब नहीं होती हैं
महोगनी का 12 साल में विकसित होता है. इसकी लकड़ियां जल्दी खराब नहीं होती हैं. जहाज, गहने, फर्नीचर, प्लाईवुड, सजावट और मूर्तियां बनाने में इनका उपयोग किया जाता है. साथ ही इस पेड़ की छाल और पत्तियों में औषधीय गुण मौजूद है. इसे दवाओं को बनाने में प्रयोग किया जाता है.
इस पेड़ की लकड़ी लाल और भूरे रंग की होती है और इसे पानी से नुकसान नहीं पहुंचता है. इसको ऐसे स्थान पर उगाया जाता है, जहां तेज हवाओं का खतरा कम होता है. इस पेड़ के विकास के लिए उपजाऊ मिट्टी, अच्छी जल निकासी और सामान्य पीएच ही उपयुक्त है.
इस पेड़ के पास नहीं आते हैं मच्छर
जहां भी महोगनी के पेड़ होते हैं, वहां से मच्छर और कीड़े नहीं आते हैं. यही वजह है कि पत्तियों और बीजों के तेल का इस्तेमाल मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स और कीटनाशक बनाने में किया जाता है. साथ ही इसके तेल का इस्तेमाल साबुन, पेंट, वार्निश और कई तरह की दवाइयां बनाने में किया जाता है.
महोगनी खेती से कमाई
बता दें कि महोगनी के बीज बाजार में एक हजार रुपये प्रति किलो तक बिकते हैं. वहीं इसकी लकड़ी 2000 से 2200 रुपये प्रति क्यूबिक फीट थोक में खरीदी जाती है. यह एक औषधीय पौधा भी है, इसलिए इसके बीजों और फूलों का उपयोग औषधि बनाने के लिए किया जाता है. ऐसे में इसकी खेती से किसान करोड़ों का मुनाफा कमा सकते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, एक हेक्टेयर में इसकी खेती करने पर किसान आराम से 70 लाख से एक करोड़ रुपये तक कमा सकता है.