scorecardresearch
 

Papaya Farming: एक पेड़ से एक क्विंटल तक की उपज, इस महिला ने शुरू की ताइवानी रेड पपीते की खेती

Papaya Farming: राधा रानी बताती हैं कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन संस्थान के सहयोग से महाराष्ट्र से लगभग 50 हजार रुपए कीमत के 1100 ताइवानी "रेड लेडी" प्रजाति के पौधे मंगाए थे, जिसमें मौसम की मार या फिर अन्य कारणों से लगभग 400 पौधे नष्ट हो गए,  लगभग 700 पौधे पूरी तरह से लहलहा रहे हैं.

Advertisement
X
Taiwani Red lady papaya farming
Taiwani Red lady papaya farming
स्टोरी हाइलाइट्स
  •  3 फुट की ऊंचाई से ही मिलने लगेंगे फल
  • लगभग ढाई गुना बढ़ जाएगा पैदावार

Papaya Farming Profit: खेती-किसानी में रोजाना नए-नए प्रयोग हो रहे हैं. इन प्रयोगों का किसान भी बढ़िया तरीके से फायदा उठा रहे हैं. ऐसा ही एक प्रयोग थाना इकदिल क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कुशगंवा की निवासी राधा रानी ने 2 बीघा खेत में पपीते की खेती कर शुरू किया है. यह ताइवानी "रेड लेडी" प्रजाति का पपीता है. इसकी सबसे है कि ये पूरी तरह से शुगर फ्री है और बाजार में भी लोगों के बीच इसकी काफी डिमांड है.

इस संस्थान के सहयोग की इस पपीते की खेती

क्षेत्र में अपनी तरह का ये पहला प्रयोग है. राधा रानी बताती हैं कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन संस्थान के सहयोग से महाराष्ट्र से लगभग 50 हजार रुपए कीमत के 1100 पौधे मंगाए थे, जिसमें मौसम की मार या फिर अन्य कारणों से लगभग 400 पौधे नष्ट हो गए,  लगभग 700 पौधे पूरी तरह से लहलहा रहे हैं.

3 वर्ष तक लगातार आएंगे फल

इस पपीते के पौधे में फल आना शुरू हो गए हैं, 3 वर्ष तक लगातार फल आएंगे. पपीता का यह प्रजाति 3 फुट की ऊंचाई से ही फल देना प्रारंभ कर देते हैं. अक्टूबर 2021 में पौधे खेतों  में लगाए थे, लगभग 10 महीने बीत गए हैं, अब इन पौधों से लगभग ढाई गुना पैदावार होगी. एक पौधे एक क्विंटल से अधिक पपीते की उपज हासिल होगी. उत्साहित राधा रानी को उम्मीद है कि इससे उनका परिवार आर्थिक रूप से सक्षम हो जाएगा, खेती न होने की वजह से मात्र 2 बीघा में ही यह प्रयास किया है.

Advertisement

अब तक इतना हो गया है खर्च

वह आगे बताती हैं कि आगे अभी हमारा खेती में डेढ़ लाख रुपए खर्च हो चुका है संभावना है कि खर्चे के साथ आमदनी भी होगी, इसकी ट्रेनिंग ली थी. डायबिटीज वालों को भी यह फल काम आएगा यह शुगर फ्री पपीता कहलाता है.

आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावनाएं

बता दें कि राधा रानी के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी है. उनके मुताबिक आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. हालांकि महिला स्वयं सहायता की मदद से वह अपनी आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार करने का प्रयास कर रही हैं.


 

Advertisement
Advertisement