कम लागत और अच्छे मुनाफे के चलते फूलों की खेती का चलन किसानों में बढ़ा है. कुथ ऐसे फूल भी हैं, जिनका इस्तेमाल सुगंधित प्रोडक्ट और दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है. मोगरा भी इसी तरह का फूल है. ये फूल अपने औषधीय गुणों के लिए बेहद मशहूर है. इसके इस्तेमाल से त्वचा और बालों से जुड़ी कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है.
इस वक्त करें मोगरा के फूलों की खेती
गर्मियों के मौसम में इसके पौधे पर ज्यादा फूल लगते हैं. इसकी बुवाई के लिए मार्च का महीना काफी उपयुक्त माना जाता है. बारिश आते ही इस फूल का उत्पादन कम हो जाता है. इस फूल को ऐसे जगह लगाएं जहा दिन भर में सिर्फ 2 से 3 घंटे धूप आती हो.
प्लास्टिक के गमले में ना लगाएं मोगरा
मोगरे को गमले में लगाने के लिए कम से कम 12 इंच का गमला होना चाहिए. गमले में उपयोग होने वाली मिट्टी ज्यादा कड़ी नहीं होनी चाहिए. इससे पौधों के विकास में काफी दिक्कत आती है. गमले में जलनिकासी की अच्छी-खासी व्यवस्था होनी चाहिए. इसके लिए गमले के निचले हिस्से में छेद कर लें. बता दें कि इसके पौधे को लगाने के प्लास्टिक के गमले का इस्तेमाल ना करें. प्लास्टिक से जनरेट होने वाली गर्मी इसके पौधे को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
समय पर पौधे को दें पानी
मोगरे के पौधे को साल में 3 बार खाद दें. पौधा जब 1-2 साल पुराना हो जाए, तो उसमें बढ़ रही टहनियों को काट दें. इससे पौधे में ज्यादा फूल आते हैं. इसके पौधे को दोनों टाइम पानी जरूर दें. सर्दियों में एक-एक दिन के अंतराल पर पौधे को पानी देना चाहिए.
बढ़िया है डिमांड
औषधीय गुणों के चलते मोगरे के फूलों का डिमांड बाजार में काफी ज्यादा है. इसका इस्तेमाल अगरबत्ती बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता ऐसे में अच्छे-खासे रकबे में इस फूल की खेती कर किसान अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं.