Iran launces drones at Israel US-Israel-Iran War Live Updates: मिडिल ईस्ट जंग का आज 11वां दिन है. दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले जारी हैं. अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के सैन्यअड्डों, मिसाइल लॉन्च साइट और कम्युनिकेशन नेटवर्क पर एयरस्ट्राइक कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और ड्रोन क्षमता को भारी नुकसान हुआ है और उसका सैन्य ढांचा काफी हद तक कमजोर पड़ चुका है. इजरायल, ईरान के तेल ठिकानों को लगातार निशाना बना रहा है. इन हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर को लेकर चिंता बढ़ गई है.
दूसरी तरफ ईरान भी लगातार जवाबी हमले कर रहा है. ईरान ने इजरायल, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी के कुछ देशों की ओर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे हैं. कुछ मिसाइलें खाड़ी देशों के तेल ठिकानों और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर के पास भी गिरीं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गईं. इस युद्ध से जुड़ी पल-पल की खबरों के लिए इस पेज से जुड़े रहें:-
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने आज नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने ईरान के आध्यात्मिक और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की शहादत पर शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए. उन्होंने जम्मू-कश्मीर की जनता की ओर से गहरी संवेदना और शोक व्यक्त किया.
Israel-Iran War: ईरान-इजरायल में बीते 11 दिनों से भीषण संघर्ष जारी है. अब ईरान ने तेल डिपो पर हमले के जवाब में इजरायल की रिफाइनरियों पर ड्रोन अटैक का दावा किया है.
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसके ड्रोन्स ने इजरायल के प्रमुख बंदरगाह शहर हाइफा में स्थित रिफाइनरियों और तेल डिपो पर बड़ा हमला किया है. तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान ने ईरानी तेल डिपो पर हुए हमले के जवाब में ये ड्रोन अटैक किया है.
इजरायली रक्षा बल ने बताया कि कुछ देर पहली ईरान की ओर से कई शहरों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागी गई हैं. इन मिसाइलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिसके कारण कई इलाकों में सायरन बज रहे हैं.
US Israel Iran War: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के प्रमुख मिसाइल लॉन्चरों पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमले का एक और वीडियो जारी किया है.
हिजबुल्लाह की सैन्य ताकत को कमजोर करने के लिए इजरायली रक्षा बलों ने शुरू किए ऑपरेशन के तहत लेबनान में हिज्बुल्लाह से संबंधित अल-कुरद अल हसन एसोसिएशन के कई ठिकानों पर हमले किया गए हैं.
US Israel Iran War: ईरानी के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स शासन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को लेकर बड़ा बयान दिया है. तेहरान टाइम्स ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से बताया कि IRGC ने ऐलान किया है कि कल से कोई भी अरब या यूरोपीय देश, जो इजरायली और अमेरिकी राजदूतों को अपने क्षेत्र से निष्कासित करेगा, उसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (जलडमरूमध्य) से गुजरने की पूरी स्वतंत्रता और अधिकार होगा.
Middle East War: अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में रहने वाले अपने नागरिकों से सुरक्षा स्थिति को देखते हुए क्षेत्र छोड़ने पर विचार करने की अपील की है. इस संबंध में यूएई में स्थिति अमेरिकी दूतावास ने एडवाइजरी जारी की है.
एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी सरकार आपकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है. हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आपको सूचित निर्णय लेने में मदद करने के लिए अपडेट जानकारी साझा करते रहेंगे. यदि आप उपलब्ध विकल्पों का लाभ उठाना चाहते हैं तो अमेरिकी सरकार मिडिल ईस्ट से बाहर निकलने में अमेरिकियों की सहायता करने के लिए तैयार है. हम आपकी सुरक्षा के संबंध में सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक नवीनतम जानकारी साझा करते रहेंगे. संयुक्त अरब अमीरात के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों की संख्या बढ़ रही है. अबू धाबी और दुबई से वाणिज्यिक उड़ानों में 10 मार्च से कई अमेरिकी और यूरोपीय शहरों की यात्रा के लिए सीटें उपलब्ध हैं. ओमान और सऊदी अरब के लिए सड़क मार्ग भी उपलब्ध हैं, जहां से क्षेत्र से निकलने के लिए विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन इन फ्लाइट्स में भीड़भाड़ की भी खबरें आ रही हैं.

Doha Explosions: कतर में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को ध्यान में रखते हुए दोहा स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है. दूतावास ने कहा है कि अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और मिडिल ईस्ट छोड़ने वाले लोगों की सहायता के लिए विकल्प तैयार कर रहे हैं.
एक बयान में दूतावास ने कहा कि अमेरिकी सरकार क्षेत्र से अमेरिकियों को निकालने में मदद के लिए अतिरिक्त व्यवस्था कर रही है और लोगों से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरवा कर नागरिकों के लिए परिवहन की व्यवस्था कर रही है. दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और दूतावास से आगे की जानकारी प्राप्त करने की सलाह भी दी है.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक नया और चौंकाने वाला दावा किया है. ट्रंप के अनुसार, पिछले तीन ठिकानों के नष्ट होने के बाद अब ईरान ग्रेनाइट की चट्टानों के नीचे गहराई में नया न्यूक्लियर सेंटर बना रहा है, ताकि वह अपनी सैन्य ताकत को दोबारा खड़ा कर सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने इस प्रक्रिया को पहले ही शुरू कर दिया था ताकि भविष्य के हमलों से अपने परमाणु सपनों को सुरक्षित रख सके.
परमाणु गतिविधियों के अलावा ट्रंप ने ईरान के पारंपरिक मिसाइल कार्यक्रम में आई तेजी पर भी चिंता जताई है. उन्होंने आगाह किया कि ईरान की ये कोशिशें समुद्र पार स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों और सीधे तौर पर अमेरिका की सुरक्षा को चुनौती दे सकती हैं. ट्रंप के अनुसार, ईरान एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रहा है, ताकि वह अपनी खोई हुई सैन्य शक्ति को फिर से हासिल कर सके.
US Israel Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने ग्लोबल टेंशन को बढ़ाया है और कच्चे तेल को लेकर दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. हमलों के बीच कतर, कुवैत और इराक जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों ने प्रोडक्शन में कटौती का फैसला लेकर चिंता बढ़ाई, तो वहीं ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट डालने ये और भी बढ़ गई. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल की किल्लत को रोकने के लिए बड़े संकेत दिए हैं और कहा है कि वे कुछ देशों पर लगे प्रतिबंध हटा रहे हैं. ऐसे में ये चर्चाएं भी तेज हैं कि क्या रूसी तेल पर लगा बैन भी अमेरिका हटा रहा है? यहां पढ़ें पूरी खबर...
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ बातचीत की संभावनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि युद्ध के कड़वे एक्सपीरियंस के बाद अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की संभावना नहीं है.
PBS न्यूजआवर की अम्ना नवाज के साथ एक इंटरव्यू में सईद अब्बास अराघची ने कहा कि नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के लिए संभावित वार्ता या सीजफायर पर टिप्पणी करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी. वाशिंगटन के साथ फिर से बातचीत शुरू करने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि ईरान की अमेरिका के साथ पिछली वार्ताओं ने गहरा अविश्वास पैदा कर दिया है.
अराघची ने आगे कहा कि तीन दौर की बातचीत के बावजूद, जिसमें अमेरिकी टीम ने प्रगति स्वीकार की थी, वाशिंगटन ने बाद में ईरान पर हमले किए. उन्होंने कहा, 'इसलिए मुझे नहीं लगता कि अब अमेरिकियों से बातचीत करना हमारी प्राथमिकता होगी.'
Middle East War: अमेरिकी-इजरायली हमलों के जवाब में ईरान मिडिल ईस्ट में यूएस के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रायल ने बताया कि ईरान लगातार UAE पर हमला कर रहा है और हमारा एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आने वाली मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए लगातार काम कर रहा है.
वहीं, रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में सुनाई देने वाली आवाज़ें वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और लड़ाकू विमानों द्वारा ड्रोन और मंडराने वाले बमों को रोकने का रिजल्ट है. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से आने वाली मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है.
ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों के कारण उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर, ट्रंप प्रशासन ने मिडिल ईस्ट के कुछ हिस्सों से अतिरिक्त अमेरिकी राजनयिक कर्मचारियों को निकलने का निर्देश दिया है. विदेश विभाग ने सोमवार को दक्षिणी तुर्की के अदाना स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकलने का आदेश दिया है. इससे एक दिन पहले ही सऊदी अरब में अमेरिकी राजनयिक मिशन के कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह का निर्देश जारी किया गया था.
बहरीन में ईरान के हमलों की वीडियो बनाने और उसकी तारीफ करने के आरोप में 5 पाकिस्तानी और एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है. बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा है कि उसने बहरीन पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले का वीडियो बनाने और उसकी प्रशंसा करने, ईरान की आक्रामकता के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने और झूठी जानकारी फैलाने के आरोप में 5 पाकिस्तानी नागरिकों और 1 बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है.
गृह मंत्रालय ने घोषणा की कि भ्रष्टाचार विरोधी और आर्थिक एवं इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा महानिदेशालय के साइबर अपराध विरोधी निदेशालय ने छह एशियाई नागरिकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया है. इन नागरिकों ने विश्वासघाती ईरानी आक्रमण के प्रभावों से संबंधित वीडियो फिल्माए, प्रकाशित किए और दोबारा पोस्ट किए, जिनमें सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले तरीके से उन शत्रुतापूर्ण कार्यों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की गई थी और उनका महिमामंडन किया गया था.
इन वीडियो को उनके सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से प्रसारित किया गया, जिससे जनता को गुमराह करने और नागरिकों के बीच भय फैलाने में योगदान मिला. इन सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और संदिग्धों को लोक अभियोजन के हवाले कर दिया गया है.
गृह मंत्रालय ने सभी से आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने और कानूनी जवाबदेही से बचने और राष्ट्र की सुरक्षा की रक्षा में मदद करने के लिए अपुष्ट वीडियो या समाचारों को प्रसारित या रि-पोस्ट करने से बचने की भी अपील की है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने संघर्ष के दौरान 46 ईरानी नौसैनिक जहाजों को डुबाने के फैसले पर सवाल उठाए थे, उनका सुझाव था कि इन जहाजों को कब्जा भी किया जा सकता था. इस पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पूछा था कि जहाजों को जब्त करके इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया.
उन्होंने कहा, 'हमने जहाज को कब्जा क्यों नहीं किया? हम उसका इस्तेमाल कर सकते थे. हमने उन्हें क्यों डुबाया?' उन्होंने आगे कहा कि इन जहाजों पर मौजूद लोगों को डुबने में ज्यादा पसंद था तो इन्हें डुबाने में ज्यादा मजा आया.
अमेरिकी-इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन में एक आवासीय इमारत को निशाना बनाते हुए हमला किया है. इस हमले के बारे में जानकारी देते हुए बहरीन के आंतरिक-घरेलू मामलों के मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि मनामा में एक आवासीय इमारत के खिलाफ ईरान की खुलेआम आक्रामकता के परिणामस्वरूप एक 29 वर्षीय बहरीनी महिला की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध खत्म करने वाले बयान पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने प्रतिक्रिया दी है. आईआरजीसी के प्रवक्ता ने कहा, 'युद्ध का अंत हम ही तय करेंगे, अगर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे तो तेहरान इस क्षेत्र से 'एक लीटर तेल' का निर्यात भी नहीं होने देगा.
उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को बेतुका बताते हुए चेतावनी दी कि इस इलाके में सुरक्षा या तो सभी के लिए होगी या किसी के लिए नहीं होगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हम कई मायनों में पहले ही जीत हासिल कर चुके हैं लेकिन अभी उतनी नहीं जितनी हमें चाहिए. हम पहले से कहीं अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि अंतिम जीत हासिल की जा सके. इस लंबे समय से चले आ रहे खतरे को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हम लेजर मिसाइलों का इस्तेमाल करेंगे, जिससे दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही लेजर किरणों से नष्ट किया जा सकेगा. ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा सिस्टम बनाना है, जो किसी भी दुश्मन की ओर से दागी गई मिसाइल को कहीं भी, कभी भी और किसी भी भी समय गिरा सके.
ईरान की राजधानी तेहरान में कई हमलों में धमाकों की आवाज सुनी गई. तेहरान में 20 से ज्यादा जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई, जिसके बाद कई लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे. आधी रात के आसपास हुए ये हमले युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान पर सबसे भीषण हवाई हमले बताए जा रहे हैं. करीब आधे घंटे तक बमवर्षक विमानों और लड़ाकू जेट्स की आवाजें लगातार सुनाई देती रहीं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शहर के पश्चिमी इलाकों में कई विस्फोट हुए. कुछ मोहल्लों में बिजली भी काट दी गई.
आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर बन गए हैं. मोजतबा खामेनेई से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि मैं निराश था क्योंकि मुझे लगता है कि इससे वही समस्याएं और बढ़ेंगी. मैं उनकी पसंद देखकर निराश था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अगर हम ईरान पर हमला नहीं करते तो वह पूरा मिडिल ईस्ट हथिया लेता. ईरान एक बहुत ही ताकतवर देश है. वह पूरे मिडिल ईस्ट पर कब्जा करने का इरादा रखते हैं. अगर हम उनका पर हमला नहीं करते तो वह पूरा मिडिल ईस्ट कब्जा लेते.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम कई मायनों में पहले ही जीत हासिल कर चुके हैं, लेकिन अभी उतनी नहीं जितनी हमें चाहिए. हम पहले से भी ज्यादा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि अंतिम विजय हासिल की जा सके और इस लंबे समय से चले आ रहे खतरे को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका मानव इतिहास का सबसे महान और असाधारण देश है और अब इसे किसी भी तरह के दुष्ट आतंकवादियों और सिरफिरों से खतरा नहीं रहेगा.
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लोरिडा में आयोजित रिपब्लिकन हाउस सदस्यों की बैठक में कहा कि मिडिल ईस्ट का युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा. ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत ईरान का जिक्र करते हुए की. उन्होंने कगा ती गम मिडिल ईस्ट में थोड़ी देर के लिए हैं, कुछ बुराइयों को खत्म करने के लिए. मुझे लगता है कि आप देखेंगे कि यह एक अल्पकालिक ऑपरेशन होगा. उन्होंने कहा कि अपने पहले कार्यकाल में हमने अपनी सेना को फिर से मजबूत बनाया था. उस समय मुझे अंदाजा नहीं था कि दूसरे कार्यकाल में मुझे उसका इतना ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ने रिपब्लिकन पार्टी के मेंबर्स इश्यूज कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर कहा कि हम अपने इजरायली पार्टनर के साथ मिलकर टेक्निकल स्किल और मिलिट्री फोर्स का जबरदस्त प्रदर्शन करके दुश्मन को कुचल रहे हैं. ईरान की ड्रोन और मिसाइल कैपेबिलिटी पूरी तरह खत्म हो रही है. नेवी खत्म हो गई है. हमने 46 जहाजों को मार दिया है. उनके टेरेरिस्ट लीडर खत्म हो गए हैं. हम तब तक हार नहीं मानेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह और पक्के तौर पर हार नहीं जाता.
अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया लीडर चुना गया है. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप इस फैसले से खफा हैं और इसे लेकर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने NBC News को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुझे लगता है कि उन्होंने मोजबता को सुप्रीम लीडर चुनकर बहुत बड़ी गलती कर दी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि युद्ध का लक्ष्य पूरा हो चुका है. अब उनके (ईरान) पास कोई नेवी या किसी तरह का कम्युनिकेशन नहीं है. उनके पास कोई एयरफोर्स नहीं है. अमेरिकी सेना शुरुआत से ही ईरान पर भारी पड़ी है.
इजराइल ने दावा किया है कि उनकी वायुसेना ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के ड्रोन हेडक्वार्टर पर हमला किया है. इजराइली सेना का कहना है कि इसी ठिकाने से पहले इजराइल की तरफ मानवरहित ड्रोन लॉन्च किए गए थे. आईडीएफ का दावा है कि इस ऑपरेशन में ड्रोन स्टोरेज साइट्स और एयर डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया गया ताकि ईरान की हमले और रक्षा क्षमता को कमजोर किया जा सके.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान पर हमला करने की वजह बता दी है. उन्होंने कहा कि इस मिशन का मकसद साफ है और अमेरिकियों को यह याद दिलाते रहना जरूरी है कि दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी सेना इस ऑपरेशन में क्यों लगी है. यह ईरान की कैपिबिलिटीज को खत्म करने के लिए है.
ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया था. उसी दिन हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई मारे गए थे. उनकी मौत के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ गई है. ईरान चुन-चुनकर अमेरिका के सहयोगियों और सैन्य अड्डों पर हमले कर रहा है. सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, बहरीन, ओमान, इराक समेत कई देशों में हमले हो रहे हैं.