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दुनिया पर कोरोना वायरस की मार, UN ने ग्लासगो क्लाइमेट चेंज समिट टाला

स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में इस साल नवंबर में इसका आयोजन था लेकिन अब इसे टाल दिया गया है. 10 दिन तक चलने वाले इस समिट में 200 देशों के तकरीबन 30 हजार नुमाइंदे शिरकत करने वाले थे लेकिन अब यह रद्द हो गया है. इस समिट में दिनों दिन बढ़ते वैश्विक तापमान पर चर्चा होनी थी और इसके उपाय पर मंथन होना था मगर इस बैठक को रोक दिया गया है.

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ग्लासगो में होने वाली यह बैठक टाल दी गई है (सांकेतिक फोटो-PTI) ग्लासगो में होने वाली यह बैठक टाल दी गई है (सांकेतिक फोटो-PTI)

पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है. अब तक 46 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 9 लाख से ज्यादा कोरोना मरीज हैं. दुनिया का अधिकांश हिस्सा लॉकडाउन में है और यातायात के लगभग हर साधन बंद हैं. इस माहामारी का असर वैश्विक संस्था संयुक्त राष्ट्र पर भी देखा जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने ऐलान किया है कि कोरोना के खतरे को देखते हुए विश्व प्रसिद्ध सीओपी 26 क्लाइमेट चेंज समिट टाला जा रहा है. अब इसके अगले साल होने की संभावना है.

स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में इस साल नवंबर में इसका आयोजन था लेकिन अब इसे टाल दिया गया है. 10 दिन तक चलने वाले इस समिट में 200 देशों के तकरीबन 30 हजार नुमाइंदे शिरकत करने वाले थे लेकिन अब यह रद्द हो गया है. इस समिट में दिनों दिन बढ़ते वैश्विक तापमान पर चर्चा होनी थी और इसके उपाय पर मंथन होना था मगर इस बैठक को रोक दिया गया है.

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इससे पहले 2018 में क्लाइमेट चेंज समिट में इस बात पर सहमति बनी थी कि पर्यावरण में जारी उथल-पुथल को रोकने का बस एक ही जरिया है कि समाज और वैश्विक अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव किया जाए. 2018 की बैठक में एक सुर में इस बात पर जोर दिया गया कि 2030 तक कार्बन डायऑक्साइड का उत्सर्जन हर हाल में 45 फीसद तक घटाना होगा और 2050 तक इसे शून्य के स्तर पर ले जाना होगा. यह कदम डेढ़ डिग्री तक बढ़ते तापमान को रोक कर रखने के लिए निहायत जरूरी है. इस साल के समिट को रद्द तो किया गया है लेकिन यूएन क्लाइमेट चेंज के कार्यकारी सचिव पैट्रिशिया एस्पिनोसा की मानें तो कोरोना वायरस की महामारी दुनिया को क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने के इरादों से नहीं डिगा सकती.

दूसरी ओर, जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय ने 30 मार्च तक अपने कर्मचारियों में कोरोनो वायरस के नौ मामलों की पुष्टि की है. यह बात जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र सूचना सेवा के निदेशक एलेसेंड्रा वेल्लुसी ने कही. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को लिखे पत्र में वेल्लुची ने मंगलवार को कहा कि मरीजों की गोपनीयता का सम्मान करने के लिए इस समय हम आगे की जानकारी नहीं देंगे. हालांकि, हर मामले में "सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं." उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र, देश में कोरोना की रोकथाम और तैयारियों पर स्विट्जरलैंड सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर काम कर रहा है." इससे पहले 28 मार्च को वेल्लुची ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि दुनियाभर में संयुक्त राष्ट्र के 78 कर्मचारियों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है.

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