अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक बार फिर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है. ट्रंप को सत्ता संभाले हुए एक साल हो चुका है और एक साल बाद उनके विरोध में ये दूसरा महिला मार्च है. इस मार्च में ट्रंप के विरोधियों के साथ लोगों ने ड्रम बजाकर और गुलाबी रंग की टोपी पहनकर राष्ट्रपति के प्रति अपनी खिलाफत का इजहार किया.
महिला मोर्चा का उद्देश्य राज्य और संघीय चुनावों के व्यापक रूप से महिला आंदोलन को लाभ में लाने का लक्ष्य है. वाशिंगटन, न्यूयॉर्क, शिकागो, डेनवर, बोस्टन, लॉस एंजिलिस और देश के अन्य शहरों में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर आ गए. लोगों ने इंगित किया कि सक्रियता के बढ़ते सैलाब में बदलाव शुरू हो चुका है.
रैलियों में प्रदर्शनकारियों ने ‘फाइट लाइक अ गर्ल’ और ‘अ वुमेन प्लेस इज इन व्हाइट हाउस’ और ‘इलेक्ट अ क्लाउन, एक्स्पेक्ट अ सर्कस’ जैसे नारे लगा कर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा.
लॉस एंजिलिस की मेयर ने कहा कि शहर में करीब पांच लाख लोग सड़कों पर उतरे, जबकि न्यूयॉर्क पुलिस के मुताबिक शहर में करीब दो लाख लोगों ने प्रदर्शन किया. कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल ट्रंप तक ही सीमित नहीं है.
बता दें कि पिछले साल 20 जनवरी को ही ट्रंप ने राष्ट्रपति का पदभार संभाला था. इससे पहले #MeToo आंदोलन भी चलाया गया था जो महिलाओं के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के खिलाफ लड़ाई था.