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तालिबान ने 6th से 12th तक लड़कों के लिए स्कूल खोलने के दिए आदेश, लड़कियों पर कोई फैसला नहीं

अफगानिस्तान में कल से छठी से बारहवीं तक के स्कूल खोलने के आदेश सुना दिए गए हैं. लेकिन ये आदेश सिर्फ और सिर्फ लड़कों के लिए हैं. कहा गया है कि कल से मेल टीचर और छात्र स्कूल अटेंड कर सकते हैं.

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अफगानिस्तान में लड़कियों के स्कूल खोलने पर कोई फैसला नहीं ( गैटी)
अफगानिस्तान में लड़कियों के स्कूल खोलने पर कोई फैसला नहीं ( गैटी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तालिबान ने 6th से 12th तक 'लड़कों' के लिए स्कूल खोलने के दिए आदेश
  • लड़कियों पर कोई फैसला नहीं लिया गया
  • तालिबान की नीयत पर उठे सवाल

तालिबान राज में महिलाओं को अपनी सुरक्षा  और अधिकारों की सबसे ज्यादा चिंता है. जिसने भी तालिबान का पिछला दौर देखा है कि उन्हें इस बात का अहसास है कि ये आतंकी संगठन सिर्फ और सिर्फ महिलाओं को दबाना जानता है, उन्हें प्रताड़ित करना जानता है. अधिकार देना उसकी डिक्शनरी का हिस्सा नहीं. अब तालिबान के हाल में लिए फैसले ने इस पर मुहर लगा दी है.

तालिबान ने दिए स्कूल खोलने के आदेश, सिर्फ लड़कों के लिए

अफगानिस्तान में कल से छठी से बारहवीं तक के स्कूल खोलने के आदेश सुना दिए गए हैं. लेकिन ये आदेश सिर्फ और सिर्फ लड़कों के लिए हैं. कहा गया है कि कल से मेल टीचर और छात्र स्कूल अटेंड कर सकते हैं. लड़कियों पर तालिबान ने कोई आदेश जारी नहीं किया है. इस वजह से तालिबान की नीयत पर सवाल उठने लगे हैं. कहा जा रहा है कि तालिबान अपने वादों से मुकर सकता है. वो फिर महिलाओं को घर में कैद रहने को मजबूर कर सकता है.

ये जानकारी फेसबुक पोस्ट के जरिए दी गई है. अभी तक तालिबानी प्रवक्ता ने इस बारे में कुछ भी नहीं बताया है. लेकिन इस फैसले ने तालिबान को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. जो तालिबान दुनिया से खुद को मान्यता दिलवाना चाहता है, जो तालिबान खुद को बदला हुआ बताने की कोशिश कर रहा है, उसका ये फैसला दुनिया को फिर सोचने पर मजबूर कर रहा है.

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तालिबान की नीयत पर सवाल

तालिबान राज में अफगानिस्तान के कुछ इलाके तो ऐसे भी देखने को मिल रहे हैं जहां पर महिलाओं को काम करने की आजादी ही नहीं दी जा रही है. सिर्फ हेल्थ डिपार्टमेंट में महिलाओं को काम करने की आजादी दी गई है. वैसे इससे पहले पहली से छठी तक की छात्राओं को पढ़ाई का अधिकार जरूर दिया गया था, लेकिन लड़कियों की आगे की पढ़ाई पर तालिबान ने अपनी रणनीति साफ नहीं की है.

पीएम मोदी ने दिखाया आईना

वैसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO सम्मेलन में अफगान महिलाओं के अधिकार पर बात की है. उन्होंने कहा है कि वर्तमान में महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा है और उन्हें अधिकार मिलना उससे भी ज्यादा जरूरी. पीएम ने स्पष्ट कर दिया कि तालिबान सरकार समावेशी नहीं है और इसके सत्ता में आने से आतंकवाद फैल सकता है.

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