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जापान में 1958 जैसी तबाही का खतरा, तूफान हगिबीस ने मचाया तांडव

तूफान हगिबीस साल 1958 में कान्टो और इजू क्षेत्र में तबाही मचाकर 1,200 से अधिक लोगों की जान लेने वाले तूफान की बराबरी कर सकता है.

फोटो-ट्विटर फोटो-ट्विटर

  • कई इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन से नुकसान
  • होंशू द्वीप के शहर चिबा में इसका उपद्रव जारी है

जापान में आए तूफान हगिबीस ने भारी तबाही मचाई है. अब तक इसके चलते 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं. जापान सरकार ने इससे निपटने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए हैं और काफी पहले से एडवाइजरी जारी की गई है. साथ ही तूफान की वजह से कई इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन भी हुआ है.

सार्वजनिक प्रसारक एनएचके की रिपोर्ट के मुताबिक, होंशू द्वीप के शहर चिबा में इसका उपद्रव जारी है. जापान के मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) के अधिकारियों ने तूफान हगिबीस को 'बेहद शक्तिशाली' कहा है. अब यह तूफान होंशू की ओर से प्रशांत महासागर के ऊपर से उत्तरी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है.

हगिबीस साल 1958 में कान्टो और इजू क्षेत्र में तबाही मचाकर 1,200 से अधिक लोगों की जान लेने वाले तूफान की बराबरी कर सकता है. एजेंसी ने टोक्यो, इजू और शिलुओका प्रांत में भूस्खलन के लिए एक आपातकालीन चेतावनी जारी की है.

वहीं, एफे न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान सरकार ने निवारक उपायों के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई और मध्य, दक्षिण व पश्चिमी जापान के निवासियों को इस पूरे सप्ताह सतर्क रहने की सलाह दी है. जापान की दो बड़ी एयरलाइन्स एनए और जेएएल ने दो हवाई अड्डों (हनेदा और नरिता) से निर्धारित सभी घरेलू उड़ानों और ओसाका व चुबू के बीच कुछ को रद्द कर दिया है.

सेंट्रल जापान रेलवे कंपनी ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि टोक्यो और नागोया के बीच शिनकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है. हगिबीस के चलते शनिवार को होने वाली दो रग्बी विश्व कप खेल भी रद्द किए गए थे और इससे सुजुका में इस वीकेंड का ग्रैंड प्रीक्स भी प्रभावित हो सकता है.

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