एप्पल के पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स अपने बच्चों को इंटरनेट और आईपैड से दूर रखते थे. टेक्नोलॉजी के दुष्प्रभाव से बच्चों को दूर रखने के लिए उन्होंने ऐसा किया था.
स्टीव जॉब्स का साल 2011 में निधन हो गया था. उन्होंने खुद तो दुनिया के हाथ में आईपैड दिया, लेकिन अपने बच्चों के लिए वह कड़क पिता थे. जॉब्स ने 2010 में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था, 'हम अपने बच्चों के लिए तय करते हैं कि उन्हें टेक्नोलॉजी का कितना इस्तेमाल करना है.'
स्टीव जॉब्स की इस बात का खुलासा अमेरिकी पत्रकार निक बिल्टन ने किया. बिल्टन ने साल 2010 में स्टीव जॉब्स से मुलाकात की थी और उसी बातचीत में बिल्टन को ये खास बात पता चली थी.
न्यू यॉर्क टाइम्स में बिल्टन बिल्टन के छपे एक आर्टिकल के मुताबिक, 'उन्होंने जॉब्स से मिलने पर उनसे पूछा था कि आपके बच्चे भी आईपैड बहुत पसंद करते होंगे? तो जवाब में उन्होंने कहा था, 'उनके इंटरनेट का इस्तेमाल हम तय करते हैं.'' बिल्टन ने लिखा कि वह जॉब्स के घर के बारे में सोचते थे कि उनका घर पूरी तरह से डिजीटल होगा, दीवारों पर टच स्क्रीन होंगे, खाने की टेबल पर भी आईपैड की टाइल्स होंगी. 'सिंपली स्टीव जॉब्स' बायोग्राफी के लेखक वॉल्ट इसैक्सन की माने तो जॉब्स के किचन की टेबल पर किताबें होती थीं और वह डिनर के दौरान अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करते थे.
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लास एंजेलिस के शोधकर्ताओं ने हाल ही में बच्चों पर एक शोध किया और इसमें पांच दिन के लिए बच्चों को टीवी समेत डिजिटल डिवाइस से दूर रखा गया. इससे पाया गया कि ऐसा करके बच्चों के सोशल स्किल में बेहतरी देखी गई. कहीं न कहीं इस शोध से बच्चों को टेक्नोलॉजी से दूर रखने के फायदे की बात भी साबित हो जाती है.