तुर्की में एक कोयला खदान में हुए ब्लास्ट में अबतक 40 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. यह घटना शुक्रवार को काला सागर के किनारे बसे बार्टिन के अमासरा शहर की सरकारी टीटीके अमासरा मुसेसे मुदुर्लुगु खदान में हुआ.
तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उत्तरी तुर्की की एक कोयला खदान के अंदर विस्फोट में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई. हालांकि खदान में कई लोग फंसे हुए हैं, जिनका रेस्क्यू किया जा रहा है. वहीं ऊर्जा मंत्री फातिह डोनमेज ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि ब्लास्ट फायरएम्प की वजह की वजह के कारण हुआ था.
घटना के संबंध में गृह मंत्री सुलेमान सोयलू ने बताया कि विस्फोट के समय खदान में 110 लोग थे. वह रेस्क्यू ऑपरेशन में कॉर्डिनेशन के लिए अमासरा गए हुए थे. मंत्री ने कहा कि विस्फोट के बाद ज्यादातर मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन 49 लोग अधिक जोखिम वाले क्षेत्र में फंस गए. उन्होंने कहा कि अभी कितने लोग खदान में फंसे हैं, इसकी जानकारी नहीं है क्योंकि उन 49 लोगों में से भी कई लोगों को निकाल लिया गया है. स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका ने ट्विटर पर बताया कि विस्फोट में 22 लोग मारे गए. वहीं तुर्की की आपदा प्रबंधन एजेंसी AFAD ने बताया कि 8 लोगों की हालत गंभीर है.
घटनास्थल पहुंचेंगे राष्ट्रपति एर्दोगन
इस घटना को लेकर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने बताया कि वह घटनास्थल पर जाएंगे और अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर देंगे. एर्दोगन ने एक ट्वीट में बताया उम्मीद है कि जानमाल का नुकसान और नहीं बढ़ेगा, खदान में काम करने वाले लोग जिंदा निकल आएंगे.
खदान में 300 मीटर नीचे हुए विस्फोट
बार्टिन गवर्नर के कार्यालय ने कहा कि स्थानीय समय के अनुसार विस्फोट करीब 15:15 बजे खदान के प्रवेश द्वार से 300 मीटर नीचे हुआ. इसमें 44 लोग खदान के प्रवेश द्वार से 300 मीटर नीचे फंसे थे जबकि 5 लोग करीब 350 मीटर नीचे फंसे थे.
2014 की घटना में हुई थी 300 की मौत
न्यूज एजेंसी अल जजीरा के मुताबिक, तुर्की में टीवी चैनलों पर खदान के पास पहुंचे लोगों को दिखाया गया था, जिसमें लोगों की आंखों में आंसू थे. इससे पहले तुर्की की सबसे खराब खदान आपदा साल 2014 में पश्चिमी तुर्की के सोमा शहर में हुई थी, जहां एक कोयला खदान के अंदर आग लगने से 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.