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भारत में 1.43 करोड़ लोग आधुनिक दौर की गुलामी के शिकारः रिपोर्ट

आधुनिक दौर की दासता के मामले में भारत की स्थिति काफी खराब है क्योंकि करीब 1.43 करोड़ लोग इस तरह की दासता में ‘फंसे’ हुए हैं.

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आधुनिक दौर की दासता के मामले में भारत की स्थिति काफी खराब है क्योंकि करीब 1.43 करोड़ लोग इस तरह की दासता में ‘फंसे’ हुए हैं.

वैश्विक दासता सूचकांक-2014 के अनुसार पूरे विश्व में आधुनिक दौर की दासता का सामना कर रहे लोगों की संख्या करीब 3.58 करोड़ है. इनमें से 45 फीसदी भारत और पाकिस्तान में हैं.

ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्थित ‘वॉक फ्री फाउंडेशन’ की ओर से प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया में 2.35 करोड़ लोग आधुनिक दौर की दासता की चंगुल से घिरे हैं. यह आंकड़ा वैश्विक संख्या का करीब दो तिहाई है.

इस रिपोर्ट के मुताबिक ‘1.42 करोड़ भारत और 20.5 लाख लोग पाकिस्तान में हैं. इन दोनों देशों में वैश्विक संख्या का 45 फीसदी आंकड़ा है.’ नेपाल में 228,700, बांग्लादेश में 6,80,900, अफगानिस्तान में 132,800 और श्रीलंका में 73,600 लोग आधुनिक दौर की दासता का सामना कर रहे हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि लोग मानव तस्करी, जबरन मजदूरी, कर्ज की मजबूरी, जबरन शादी और व्यवसायिक यौन उत्पीड़न के रूप में दासता का सामना कर रहे हैं.

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- इनपुट भाषा से

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