बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पड़ोसी देश में एक और हिंदू व्यक्ति की हत्या कर दी गई है. देश में जारी अशांति के बीच पिछले 18 दिनों में यह हिंदू समुदाय पर हुआ छठा जानलेवा हमला है.
नरसिंदी जिले के चारसिंदूर बाजार में सोमवार रात किराना दुकानदार मणि चक्रवर्ती की हत्या कर दी गई. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पलाश उपजिला के तहत आने वाले व्यस्त बाजार में मणि चक्रवर्ती की दुकान है. वो अपनी दुकान पर बैठे थे तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया.
हमले में वो गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में या अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया.
मणि चक्रवर्ती शिबपुर उपजिला के साधरचर यूनियन के निवासी थे और मदन ठाकुर के बेटे थे. चारसिंदूर बाजार के व्यापारियों ने बताया कि मणि एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और सभी लोगों से उनकी अच्छी जान-पहचान थी. उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था.
बीच बाजार में उनकी हत्या के बाद बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल है. कई लोगों का कहना है कि वो अब अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए बाहर निकलने से भी डर रहे हैं.
हिंदू समुदाय के लोगों ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है. उनका कहना है कि हिंदुओं पर लगातार हो रहे हमले उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ा रहे हैं.
इससे पहले सोमवार शाम को ही जशोर जिले में एक और हिंदू व्यक्ति को पब्लिक में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना शाम करीब 5:45 बजे मणिरामपुर उपजिला के वार्ड नंबर 17 स्थित कोपालिया बाजार में हुई. मृतक की पहचान 45 साल के राणा प्रताप के रूप में हुई, जो तुषार कांति बैरागी के बेटे थे और केशबपुर उपजिला के अरुआ गांव के निवासी थे.
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, राणा प्रताप बाजार में थे तभी अज्ञात हमलावरों ने अचानक गोलीबारी कर दी. इस दौरान उन्हें कई गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. हालात को काबू में करने के लिए मणिरामपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची.
घटना की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी राजिउल्लाह खान ने बताया कि पुलिस ने शव बरामद कर लिया है और पोस्टमार्टम सहित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है.
हाल के हफ्तों में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. दीपू दास कपड़े की एक फैक्ट्री में काम करता था और ईशनिंदा के आरोप में उसे मार दिया गया. बांग्लादेश में फैली अशांति के बीच ही एक और हिंदू युवक अमृत मंडल की भी हत्या की गई.
मायमनसिंह जिले में बजेंद्र बिस्वास को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले के केउरभांगा बाजार के पास खोकन चंद्र दास नामक एक हिंदू बिजनेसमैन पर भीड़ ने चाकू से हमला किया और बाद में उन्हें आग लगा दी जिसमें वो बुरी तरह झुलस गए. ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.